Dainik Navajyoti Logo
Friday 28th of January 2022
 
स्वास्थ्य

रेजिडेंट्स डॉक्टर्स की हड़ताल तीसरे दिन भी जारी, मरीज हो रहे परेशान

Tuesday, November 30, 2021 12:00 PM
नीट कॉउंसलिंग में देरी का विरोध कर रहे देशभर के रेजिडेंट डॉक्टर्स के समर्थन में प्रदेश के रेजिडेंट डॉक्टर्स ने भी सम्पूर्ण कार्य बहिष्कार शुरू कर दिया है।

जयपुर। नीट कॉउंसलिंग में देरी का विरोध कर रहे देशभर के रेजिडेंट डॉक्टर्स के समर्थन में प्रदेश के रेजिडेंट डॉक्टर्स ने भी सम्पूर्ण कार्य बहिष्कार शुरू कर दिया है। ये कार्य बहिष्कार मंगलवार को लगातार तीसरे दिन भी जारी है। ऐसे में मरीजों की परेशानी फिलहाल काम होती दिखाई नहीं दे रही है।


जयपुर एसोसिएशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर्स की ओर से आज मंगलवार को भी एसएमएस अस्पताल सहित एसएमएस मेडिकल कॉलेज से जुड़े अन्य अस्पतालों में सम्पूर्ण कार्य बहिष्कार किया जा रहा है। इमरजेंसी सेवाओं को छोड़कर रेजिडेंट्स सम्पूर्ण कार्य बहिष्कार पर हैं। अस्पताल में हर दिन करीब 10 हजार की ओपीडी है। हर विभाग में तीन से चार सीनियर डॉक्टर के बाद 5 से 6 रेजिडेंट्स पर इन मरीजों के उपचार का जिम्मा होता है, लेकिन  अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार से सारी सेवाएं बाधित हो रही हैं। मरीजों को इलाज में खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। एक ओर जहां ओपीडी में मरीजों को इलाज नहीं मिल रहा है और घंटों इंतजार के बाद भी नंबर नही आने के कारण बिना इलाज ही मरीज वापस लौटने पर मजबूर हो रहे हैं। ऐसे में मरीजों को मजबूरन निजी अस्पतालों में महंगे दामों पर इलाज के लिए जाना पड़ रहा है।  हालांकि सीनियर डॉक्टरों ने मोर्चा संभाल रखा है लेकिन मरीजों की भीड़ के आगे मुट्ठी भर सीनियर डॉक्टर नाकाफी साबित हो रहे हैं।


कोर्ट में चल रहा है मामला:
 रेजिडेंटस नीट पीजी काउंसलिंग को लेकर हो रही देरी पर विरोध जता रहे हैं, जबकि यह पूरा मामला अभी सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है। कोर्ट ने मामले में 6 जनवरी की तारीख दी है। इसके बाद फेडरेशन ऑफ आल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन ने घोषणा कर दी कि काउंसलिंग में देरी होने पर देशभर में रेजिडेंट कार्य बहिष्कार करेंगे।


जार्ड अध्यक्ष अमित यादव ने बताया कि केंद्र सरकार पीजी कॉउंसलिंग को लेकर गंभीरता नहीं दिखा रही है। कोर्ट में तारीख लेने की बजाय इस पर केंद्र सरकार को इस मामले पर फैसले की कोशिश करनी चाहिए। इसी विरोध में फेडरेशन ऑफ आल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन की घोषणा के बाद संपूर्ण राजस्थान के मेडिकल कॉलेज के रेजिडेंट डॉक्टर्स विरोध कर रहे हैं। आंदोलन और भी तेज किया जा सकता है। उनका कहना है कि अभी दो बैच के रेजिडेंटस पर कार्यभार है। यह इतना ज्यादा है कि रेजिडेंट्रस मानसिक परेशानियों से गुजर रहे हैं। यदि नीट पीजी काउंसलिंग पूरी होती है तो रेजिडेंट्स का एक और बैच मिलने से कार्यभार कम होगा।

परफेक्ट जीवनसंगी की तलाश? राजस्थानी मैट्रिमोनी पर निःशुल्क  रजिस्ट्रेशन करे!

यह भी पढ़ें:

कोरोना से अटकी 'रोशनी', संक्रमण के चलते दान नहीं हो सकी आंखें

राजस्थान में कोरोना महामारी के कारण अंधता से जूझ रहे हजारों लोगों के जीवन में रोशनी का इंतजार और लंबा हो गया है। संक्रमण के खतरे के चलते आंखें यानि कार्निया दान करने की रफ्तार पर ब्रेक से लग गए। प्रदेश में इस साल मार्च में कोरोना की दस्तक के बाद से कार्निया दान होने की प्रक्रिया एक तरह से थम सी गई।

04/01/2021

सर्जरी में रखे ध्यान, बेहतर होंगे परिणाम

ज्वाइंट रिप्लेसमेंट का मतलब शरीर के किसी भी हिस्से का ज्वाइंट हो सकता है। इसमें घुटनों का बदलना भी शामिल है और हिप रिप्लेसमेंट भी।

14/05/2019

साउथ अफ्रीका का ओमिक्रॉन वायरस : शंका के घेरे में कोरोना जांच, एक्सपर्ट चिंतित

फिलहाल देश-प्रदेश में मरीज नहीं, लेकिन टेस्ट को कसौटी पर जांचना जरूरी, आरटीपीसीआर टेस्ट की एक्यूरेसी और घट सकती है

30/11/2021

एमजीएच के निश्चेतना विभाग का कमाल : 20 वर्षीय युवती को दुर्लभ बौनेपन व सांस की बीमारी से दिलाई राहत

महात्मा गांधी अस्पताल अधीक्षक डॉ. राजश्री बेहरा ने बताया कि मालियों का बास निवासी 20 वर्षीय यशोदा दिपावली के बाद से ही गम्भीर सांस की तकलीफ से ग्रसित थी।

06/01/2022

साढ़े चार महीने बाद जयपुर में कोरोना फिर हुआ जानलेवा

ढाई साल के बच्चे की मौत, 12 वर्षीय स्कूली छात्रा पॉजिटिव : 30 जून को आखिरी बार हुई थी जयपुर में कोरोना से मौत

19/11/2021

SMS अस्पताल के चिकित्सकों ने किया कमाल, हार्ट का ऑपरेशन कर जन्मजात विकृति की दूर

प्रदेश के सबसे बड़े सवाई मानसिंह अस्पताल के कार्डियो थोरेसिक विभाग ने एक जटिल ऑपरेशन कर 19 वर्षीय किशोरी के हृदय की जन्मजात विकृति को दूर करने में सफलता हासिल की है। इसमें चिकित्सकों ने यह ऑपरेशन बिना छाती की हड्डी कांटे एक छोटा सा चीरा लगाकर अंजाम दिया है।

17/11/2020

कोविड के दौर में डेंगू भी दे रहा दस्तक, डेंगू के प्रारंभिक लक्षण कोरोना के जैसे होने से पैदा हो रही उलझन

कोविड महामारी के दौर में जहां लक्षणों के आधार पर जांच व इलाज की दिशा तय की जा रही है, वहीं इस कड़ी में बहुत सी ऐसी बीमारियां भी हैं जिनके प्राथमिक लक्षण कोविड से मिलते जुलते हैं। ये लक्षण लोगों मन में कुछ हद तक उलझन पैदा कर सकते हैं। इन्हीं में से एक है डेंगू।

16/05/2021