Dainik Navajyoti Logo
Tuesday 18th of February 2020
 
स्वास्थ्य

सर्जरी में रखे ध्यान, बेहतर होंगे परिणाम

Tuesday, May 14, 2019 12:05 PM

जयपुर। ज्वाइंट रिप्लेसमेंट का मतलब शरीर के किसी भी हिस्से का ज्वाइंट हो सकता है। इसमें घुटनों का बदलना भी शामिल है और हिप रिप्लेसमेंट भी। सर्जरी के पहले के लक्षण काफी दर्दनाक होते हैं। मरीज को चलने में काफी दिक्कत आती है। इसलिए कुछ ऐसी बातों का ध्यान रखना जरूरी है जिससे ज्वाइंट रिप्लेसमेंट सर्जरी के बाद परेशानी ना हो। यदि इन बातो का ध्यान ना रखा जाए तो सर्जरी के बाद भी बेहतर परिणाम प्राप्त होना मुश्किल हैं।

ओवरवेट तो वजन कम करें
सीनियर ज्वाइंट रिपलेसमेंट सर्जन डॉ. एस.एस. सोनी ने बताया कि, अगर आपका वजन आपकी हाइट के मुताबिक ज्यादा है और आप ज्वाइंट रिप्लेसमेंट सर्जरी के बारे में सोच रहे हैं, तो पहले वजन कम करना पड़ेगा। इसका फायदा यह होता है कि इससे सर्जरी के बाद कॉम्पलिकेशंस कम हो जाती हैं साथ ही सर्जरी की सफलता की संभावना भी कई गुणा अधिक हो जाती है।
अन्य बीमारियों पर हो कंट्रोल

ज्वाइंट रिप्लेसमेंट सर्जरी से पहले जरूरी है कि अगर आपको कोई ओर दिक्कत है, तो उसे कंट्रोल में करें, जैसे- हाई ब्लड प्रेशर, हाई कोलेस्ट्रॉल या डायबिटीज। अगर आप स्मोक करते हैं, तो इसका दुष्प्रभाव भी सर्जरी पर पड़ सकता है। अगर आपको कोई स्किन प्रॉब्लम है या डेंटल डिजीज है, तो भी डॉक्टर को बताएं, क्योंकि दांतों की दिक्कत से सर्जरी के दौरान हिप या नी में इंफेक्शन फैलने का डर होता है। अगर आपको रुमेटॉयड आर्थराइटिस है, तो सर्जरी से एक महीना पहले इसकी दवाईयां रोकनी पड़ सकती हैं, ताकि ज्वाइंट रिप्लेसमेंट ठीक से हो जाए।

हिप और नी रिप्लेसमेंट सर्जरी डेढ़ से तीन घंटे की होती है। आजकल अत्याधुनिक तकनीक से सर्जरी के बाद आप मूवमेंट कर सकते हैं और 48 घंटों के बाद घर भी जा सकते हैं। ऐसा उनमें होता है, जिनमें कॉम्पलिकेशंस ना हों। यदि कॉम्पलिकेशन्स हो तो डॉक्टर्स कुछ समय का प्रीकॉशन्स लेकर सर्जरी के बाद अधिक समय का विश्राम कह सकते हैं।
-डॉ. एस.एस. सोनी, सीनियर ज्वाइंट रिपलेसमेंट सर्जन।

यह भी पढ़ें:

डीआरडीओ ने हिमालय की जड़ी-बूटियां से बनाई सफेद दाग की दवा

देश के प्रमुख रक्षा शोध संगठन ने सफेद दाग की हर्बल दवा मरीजों के विकसित की थी। ये दवा मरीजों के लिए रामबाण साबित हो रही है।

25/06/2019

मांझे ने गहराई तक काटा टखना, डॉक्टरों ने सर्जरी कर बचाया

पतंगबाजी के जुनून में मांझा हर किसी के लिए आफत बना हुआ है। ऐसे ही आशिदा के पैर में मांझा फंसने से उनका टखना बुरी तरह से कट गया, खून इतना बह गया कि बीपी तक रिकॉर्ड नहीं हो पा रहा था।

17/01/2020

मंत्री रघु शर्मा और सुभाष गर्ग ने SMS अस्पताल को दी कई सौगातें

अस्थि रोग विभाग के नॉर्थ विंग-प्रथम वार्ड के नवीनीकरण का लोकार्पण और अस्पताल में ही स्थित डाटा सेंटर की आईटी सेल का शुभारंभ कर प्रदेशवासियों को सौगात दी।

30/11/2019

घिसा कूल्हे का जोड़, आयुर्वेद से हुआ ठीक, अब बॉडी बिल्डिंग में स्थापित किए नए आयाम

जयपुर का एक युवक कूल्हे के जोड़ खराब होने के कारण चलने फिरने में अक्षम हो गया था, लेकिन आयुर्वेदिक पद्धति ने उसे नया जीवन दिया। डेढ़ साल में ही युवक को इस लायक बना दिया कि अब वह जिला और राज्य स्तर तक की प्रतिष्ठित बॉडी बिल्डिंग प्रतियोगिताओं का विजेता तक बन चुका है।

26/11/2019

ईएसआई मॉडल हॉस्पिटल में मनाया गया विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस

अजमेर रोड स्थित ईएसआई हॉस्पिटल में मनोरोग विभाग की ओर से विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर चिकित्सकों के लिए अवसाद एवं आत्महत्या के उपचार और रोकथाम को लेकर सेमिनार एवं मानसिक स्वास्थ्य प्रदर्शनी का आयोजन किया गया।

10/10/2019

हार्ट फेल और खराब फेफड़े होने पर एक्मो तकनीक से बच सकती है जान, वर्कशॉप में विशेषज्ञों ने दी ट्रेनिंग

कई बार मरीजों को गंभीर कार्डियक फेलियर, फेफड़े खराब होने के कारण सांस की तकलीफ के कारण अस्पताल में इमरजेंसी में लाया जाता है। मरीज का हृदय या फेफड़े सामान्य रूप से कार्य करने में सक्षम नहीं रहते और रोगी सांस लेने में असमर्थ हो जाता है। ऐसे मरीजों की जान उन्नत एक्मो तकनीक से बचाई जा सकती है।

20/01/2020

खिलाड़ी की मांसपेशियों के दबाव पर अब मशीन रखेगी नजर

स्पोर्ट्स मेडिसिन में अब ऐसी तकनीक आ गई है, जिसमें वेट लिफ्टर या दूसरे एथलीट्स अपनी मांसपेशियों पर एक जैसा दबाव बनाए रखेंगे और उनकी क्षमता बढ़ा सकेंगे।

08/02/2020