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Sunday 13th of June 2021
 
स्वास्थ्य

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खिलाड़ी की मांसपेशियों के दबाव पर अब मशीन रखेगी नजर

स्पोर्ट्स मेडिसिन में अब ऐसी तकनीक आ गई है, जिसमें वेट लिफ्टर या दूसरे एथलीट्स अपनी मांसपेशियों पर एक जैसा दबाव बनाए रखेंगे और उनकी क्षमता बढ़ा सकेंगे।

08/02/2020

नाइजीरियन युवक के खराब हो चुके कूल्हे के जोड़ों का प्रत्यारोपण

नाईजीरिया के अमादि ओजी कूल्हों के जोड़ों में असहनीय दर्द के चलते चलने-फिरने तक के लिए भी मोहताज हो गए। मरीज जब जयपुर आया तो यहां जटिल ऑपरेशन कर मरीज के दोनों कूल्हे के जोड़ प्रत्यारोपण किया गया।

11/09/2019

जयपुर में जुटे देश-विदेश के नामचीन शिशु रोग विशेषज्ञ

बंदोपाध्याय ने कहा कि देश में शिशु मृत्युदर चिंता का विषय है, इसे कम करने के लिए हमें समाज की मानसिकता को बदलना होगा।

05/10/2019

स्ट्रोक का सही समय पर इलाज कर 34 वर्षीय महिला मरीज की बचाई जान

जयपुर शहर के एक निजी अस्पताल के चिकित्सकों ने मैकेनिकल थ्रोम्बेक्टमी तकनीक से स्ट्रोक से पीड़ित एक 34 वर्षीय महिला मरीज की जान बचाने में सफलता प्राप्त की है। दरअसल मरीज को हाल ही में जब दुर्लभजी अस्पताल की इमरजेंसी में लाया गया था तब उसे अचेतन अवस्था के साथ ही शरीर के बाएं हिस्से में लकवे की शिकायत थी।

24/01/2021

मोबाइल का हद से ज्यादा उपयोग करने वालों को टेनिस एल्बो का खतरा

यह खबर हर घर हर अभिभावकों के लिए जरूरी है। मोबाइल का हद से ज्यादा उपयोग करने वाले लोग टेनिस एल्बो से पीड़ित होने लगे हैं। इतना ही नहीं वे बच्चे जो आउटडोर गेम की बजाय दिनभर वीडियो गेम या मोबाइल में गेम खेलते रहते हैं, उन्हें भी टेनिस एल्बो का असहनीय दर्द हो सकता है।

15/01/2020

78 वर्षीय बुजुर्ग को मिली राहत, हार्ट वॉल्व का बिना चीरफाड़ के किया प्रत्यारोपण

जयपुर शहर के जगतपुरा स्थित एक निजी अस्पताल में 78 वर्षीय मरीज के हार्ट वॉल्व का बिना किसी चीरफाड़ के सफलतापूर्वक प्रत्यारोपण किया गया है। अस्पताल के वरिष्ठ कार्डियक सर्जन डॉ. समीर शर्मा ने बताया कि मरीज को करीब पांच साल पहले हृदय की नसों में रुकावट के बाद दो स्टंट लगाए गए थे।

05/03/2021

टीएवीआर तकनीक से 28 वर्षीय गर्भवती महिला का बदला हार्ट वॉल्व

शहर के चिकित्सकों ने एक महिला का तीन माह की गर्भावस्था के दौरान भी बिना सर्जरी के वॉल्व बदलने में सफलता प्राप्त की है। इस प्रोसीजर को सफलता पूर्वक अंजाम देने वाले शहर चीफ इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. रवीन्द्र सिंह राव ने बताया कि 28 वर्षीय यह महिला सिम्पटोमैटिक एओर्टिक स्टेनोसिस से पीड़ित थी।

14/02/2021