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Monday 2nd of August 2021
 
स्वास्थ्य

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थ्रीडी टेक्नोलॉजी से दिया न्यूरो सर्जरी का लाइव डेमो, 12 साल की एकता का सफल ऑपरेशन

एसएमएस अस्पताल के न्यूरो सर्जरी विभाग में पहली बार एक्सप्लोर क्रेनिया वर्टिब्रल जंक्शन वर्कशॉप का आयोजन किया गया। एम्स नई दिल्ली सहित देश के नामचीन न्यूरो सर्जन्स ने तिरछी रीढ़ की हड्डी को सीधी करने तथा क्रिमियो वर्टिब्रल जंक्शन के फ्रैक्चर के थ्रीडी तकनीक से लाइव ऑपरेशन किए।

30/12/2019

ब्रेस्ट कैंसर के खतरे से बचाती है मैमोग्राफी स्क्रीनिंग

भारत में हर साल करीब डेढ़ लाख महिलाओं को ब्रेस्ट कैंसर होता है। अगर एक उम्र के बाद रूटीन चेकअप कराया जाए तो ब्रेस्ट कैंसर के गंभीर परिणामों से बचा जा सकता है।

03/05/2019

वर्ल्ड ब्रेन ट्यूमर डे: बच्चों में इन लक्षणों को ना करें अनदेखा, हो सकता है ब्रेन कैंसर

बच्चों में ब्लड कैंसर के बाद सर्वाधिक होने वाला कैंसर ब्रेन ट्यूमर है। नेशनल हेल्थ प्रोग्राम की ओर से जारी एक रिपोर्ट के अनुसार बड़ों के मुकाबले बच्चों में यह बीमारी ज्यादा तेजी से बढ़ रही है। इसके लक्षणों को अनदेखा करना हजारों बच्चों के अकाल मौत का कारण बन रहा है।

08/06/2020

एक्सप्रेस-वे पर दो दुर्घटनाओं में मां-बेटे सहित आठ लोगों की मौत, 15 घायल

मथुरा : दिल्ली-आगरा यमुना एक्सप्रेस-वे पर आज तड़के सड़क किनारे खड़ी बस को टैंकर ने पीछे से टक्कर मार दिया, जिसके कारण बस के बाहर खड़े लोगों में से छह की मौके पर ही मौत हो गयी.

16/08/2016

बिना किसी सर्जिकल उपचार के झुर्रियों से छुटकारा, बोटोक्स ट्रीटमेंट से मिलेगा लाभ

ढलती उम्र की निशानियां हमारे शरीर में भी देखने के मिलती है और इसका पहला आईना चेहरा होता है। चेहरे पर बढ़ती झुर्रियां और कसावट कमजोर होने जैसी समस्या एक दिन सभी को झेलनी पड़ती है। लेकिन वातावरण में मौजूद प्रदूषण, वंशानुगत असर और लाइफस्टाइल जैसे कई कारक त्वचा को प्रभावित करते हैं और वक्त से पहले ही झुर्रियां आने लगती हैं। झुर्रियां के इलाज के लिए सबसे आम इलाज बोटोक्स ट्रीटमेंट है।

03/10/2019

घुटने के टिश्यू निकालकर की कंधे की दुर्लभ सर्जरी

शहर के मानसरोवर स्थित इंडस हॉस्पिटल में झुंझुनूं निवासी 45 वर्षीय अमरचंद के घुटने के टिश्यू निकालकर कंधे की सफल सर्जरी की गई।

20/04/2019

पीठ से महाधमनी में घुसकर जांघ तक पहुंचा मशीन का टुकड़ा, सर्जरी कर पैर बचाया

मार्बल की खदान में हुए एक हादसे में बंदूक की गोली से तेज रफ्तार में मशीन का टुकड़ा कोटा के 35 वर्षीय राजेंद्र कुमार की पीठ से छाती में घुसकर हृदय की महाधमनी को भेदता हुआ अंदर चला गया। ऐसे मामलों में महाधमनी छिलने से आंतरिक रक्तस्त्राव के कारण रोगी के बचने की संभावना न्यूनतम रहती है, लेकिन नारायणा हॉस्पिटल की रेपिड इमरजेंसी रेस्पांस व कार्डियक सर्जरी टीम के संयुक्त प्रयासों से मरीज की जान बच गई।

25/09/2020