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स्वास्थ्य

जयपुर के डॉक्टर्स ने की सफल दुर्लभ सर्जरी, कूल्हे और घुटने के जोड़ समेत पूरी हड्डी बदली

Friday, November 20, 2020 13:40 PM
डॉक्टर्स ने की सफल दुर्लभ सर्जरी।

जयपुर। बोन कैंसर से जूझ रहे मरीज के कूल्हे और घुटने के जोड़ को स्थिरता देने वाली शरीर की सबसे मजबूत हड्डी फीमोरल बोन (जांघ की हड्डी) की दुर्लभ टोटल फीमोरल रिप्लेसमेंट सर्जरी, जयपुर के डॉक्टर्स ने सफलतापूर्वक कर दिखाई। 75 वर्षीय मेघपाल (परिवर्तित नाम) की जांघ की हड्डी बोन कैंसर के कारण तेजी से गलने लगी थी। ऐसे में डॉक्टर्स ने कूल्हे व घुटने के जोड़ तक फैली पूरी हड्डी को बदल दिया। शहर के शैल्बी हॉस्पिटल में सीनियर जॉइंट रिप्लेसमेंट एंड ऑर्थोपेडिक्स सर्जन डॉ. धीरज दुबे ने यह सर्जरी की।

बोन कैंसर सारकोमा से पिघलने लगी थी हड्डी
डॉ. धीरज दुबे ने बताया कि मरीज को बोन कैंसर सारकोमा था। इसके कारण उसकी जांघ की हड्डी तेजी से गलना शुरू हो गई थी और मांपेशियों में भी कैंसर तेजी से फैल रहा था। मरीज को पैर में सूजन, दर्द, हड्डी में फ्रैक्चर और पैर का आकर भी छोटा हो गया था। इस स्थिति में कैंसरस बोन को सर्जरी कर निकालना ही एकमात्र उपाय था। अगर मरीज की सर्जरी में देरी होती तो कैंसर दूसरे अंगों तक पहुंच जाता और मरीज के लिए जानलेवा स्थिति बन जाती।

सर्जरी में थे कई जोखिम
इस सर्जरी में कई जोखिम थे। मरीज की उम्र अधिक थी जो अपने आप में एक जोखिम है। इसके अलावा सर्जरी के दौरान हड्डी के चारों ओर खून की नसें, नर्व के खराब होने का खतरा भी था जिन्हें बचाते हुए हड्डी को निकाला गया। डॉ. धीरज ने बताया कि हमारी जांघ की हड्डी का एक छोर कूल्हे के जोड़ और दूसरा छोर घुटने के जोड़ में होता है। पूरी हड्डी बदलने में कूल्हे और घुटने के जोड़ों का कुछ हिस्सा भी बदला गया। करीब पांच से छह घंटे की सर्जरी में फीमोरल हड्डी की रिप्लेसमेंट सर्जरी कर दी गई। सर्जरी में कैंसर विशेषज्ञ डॉ. कपिल देव का भी सहयोग रहा।

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