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स्वास्थ्य

राज्य का पहला जेरीऐट्रिक ऑन्कोलॉजी सेंटर बना बीएमसीएचआरसी

Friday, October 01, 2021 19:15 PM
भगवान महावीर कैंसर हॉस्पिटल एवं रिसर्च संस्थान में जेरीऐट्रिक ऑन्कोलॉजी सेंटर की शुरूआत

जयपुर। राज्य के पहले जेरीऐट्रिक ऑन्कोलॉजी सेंटर की शुरूआत शुक्रवार को भगवान महावीर कैंसर हॉस्पिटल एवं रिसर्च संस्थान में की गई। जेरीऐट्रिक ऑन्कोलॉजी के तहत वृद्ध कैंसर रोगियों को उनकी शारीरिक स्थिति, क्षमता का आंकलन कर उपचार पद्वती का चयन किया जाएगा। कैंसर उपचार की इस विधा की शुरूआत के मौके पर टाटा मेमोरियल हॉस्पिटल मुम्बई की डॉ वनिता नोरोन्हा ने जेरीऐट्रिक ऑन्कोलॉजी की आवश्य्कता और इसके तहत उपचार में आने वाले बदलावों की जानकारी दी।

25 फीसदी कैंसर पेशेंट हैं वृद्ध
इंडियन कैंसर रजिस्ट्री के अनुसार देश  में कुल कैंसर रोगियों में से 25 फीसदी रोगी 75 वर्ष या उससे अधिक उम के है। इन रोगियों में स्तन, मुंह, लंग, किडनी, लीवर, प्रोस्टेट कैंसर अधिक देखे जाते है। डॉ वनिता ने बताया कि 75 वर्ष की उम्र में व्यक्ति के लिवर, हार्ट, किडनी जैसे कई अंगों की कार्यक्षमता प्रभावित हो जाती है। कैंसर उपचार के दौरान इन अंगों के स्वास्थ्य का ध्यान में रखना और उपचार में बदलावा लाना ही जेरीऐट्रिक ऑन्कोलॉजी है।

इस तरह होती है पहचान
चिकित्सालय में जेरीऐट्रिक ऑन्कोलॉजी के प्रमुख डॉ ताराचंद गुप्ता ने बताया कि जेरीऐट्रिक ऑन्कोलॉजी के तहत रोगी की शारीरिक, मानसिक क्षमता का आंकलन एक प्रषानवली के जरिए किया जाता है। प्रष्नावली में डिप्रेशन, मैमोरी, न्यूट्रीषन जैसे कई विषयों से जुड़े  बिन्दुओं की विस्तुत जानकारी ली जाती है। प्रषानवली के जरिए मिली जानकारी का आंकलन कर रोगी की जांच की जाती है और उपचार पद्वती का चयन किया जाता है।

पेशेंट केयर टीम को अलग से प्रशिक्षिण
मेडिकल ऑन्कोलॉजी विभाग के निदेशक एवं प्रमुख डॉ अजय बापना ने बताया कि जेरीऐट्रिक ऑन्कोलॉजी के तहत उपचार और देखभाल उपलब्ध कराने के लिए टाटा मेमोरियल हॉस्पिटल मुम्बई की टीम से प्रशिक्षण लिया जा रहा है। चिकित्सालय के अधिषासी निदेशक मेजर जनरल एस सी पारीक ने बताया कि देष में जनसांख्यिकीय बदलाव आ रहे है। ऐसे में देष में बच्चों की जनसंख्या कम और 60+ आयु वालों की जनसंख्या में बढोतरी हुई है। उसके बावजूद देश में बच्चों और महिलाओं के लिए अलग से चिकित्सा व्यवस्था है पर वृद्ध लोगों के लिए अलग से कोई सेंटर नहीं है। बीएमसीएचआरसी प्रदेष का पहला और देश का चौथा सेंटर है जो वृद्ध लोगों के लिए अलग से सेंटर की शुरूआत कर रहा है।

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