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स्वास्थ्य

घिसा कूल्हे का जोड़, आयुर्वेद से हुआ ठीक, अब बॉडी बिल्डिंग में स्थापित किए नए आयाम

Tuesday, November 26, 2019 11:00 AM
प्रतिकात्मक तस्वीर।

जयपुर। शहर का एक 38 वर्षीय युवक जो कि कूल्हे के जोड़ खराब होने के कारण चलने फिरने में अक्षम हो गया था, लेकिन आयुर्वेदिक पद्धति ने उसे नया जीवन दिया। डेढ़ साल में ही युवक को इस लायक बना दिया कि अब वह जिला और राज्य स्तर तक की प्रतिष्ठित बॉडी बिल्डिंग प्रतियोगिताओं का विजेता तक बन चुका है। युवक का इलाज करने वाले के वरिष्ठ आयुर्वेद चिकित्सक डॉ. प्रदीप शर्मा ने बताया कि युवक मो. कलीम करीब डेढ़ साल पहले मेरे पास सुखायु में एवास्कुलर नेक्रोसिस की बीमारी से ग्रसित होकर आया था। इस बीमारी में उसके कूल्हे का जोड़ पूरी तरह से घिस चुका था। इसकी वजह से वह स्टिक के सहारे चलता था। एलोपैथी में इसका इलाज सिर्फ सर्जरी या जोड़ प्रत्यारोपण ही है पर मैनें डेढ़ साल तक युवक को आयुर्वेदिक दवाओं और पंचकर्म थैरेपी के जरिए इलाज किया। इसका नतीजा रहा कि युवक आज पूरी तरह से फिट है।

क्या है एवास्कुलर नेक्रोसिस
डॉ. शर्मा ने बताया कि इस बीमारी में हड्डियों की ब्लड सप्लाई रुक जाती है और हड्डी धीरे धीरे गल जाती है। अधिकांश मामलों में इस बीमारी का कारण एल्कोहल और स्टेरॉयड्स का अत्यधिक सेवन होता है लेकिन इस केस में कुदरती तौर पर ही युवक के कूल्हे का जोड़ घिस गया था।

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