Dainik Navajyoti Logo
Thursday 9th of December 2021
 
स्वास्थ्य

चिकित्सकों ने सीखी स्पाइन सर्जरी की बारीकियां

Wednesday, November 24, 2021 15:50 PM
महात्मा गांधी अस्पताल में हड्डी रोग विभाग तथा जयपुर आर्थोपेडिक सोसायटी के सहयोग से एक दिवसीय स्पाइन सर्जरी कार्यशाला का आयोजन किया गया।

जयपुर।  महात्मा गांधी अस्पताल में हड्डी रोग विभाग तथा जयपुर आर्थोपेडिक सोसायटी के सहयोग से एक दिवसीय स्पाइन सर्जरी कार्यशाला का आयोजन किया गया।  इसमें शहर के 50 से अधिक मेडिकोज को बोन मॉडल द्वारा  स्पाइन सर्जरी  से सम्बंधित तकनीकों का प्रशिक्षण दिया गया। इसके अलावा कार्यशाला का ऑन-लाइन लाइव प्रदर्शन भी किया गया। हड्डी रोग विभागाध्यक्ष डॉ एस पी गुप्ता ने बताया कि कार्यशाला में रीड की हड्डी की जटिल संरचना तथा पेडिकल स्क्रू आदि सर्जरी को आडियो-विजुअल माध्यम से प्रदर्शित किया गया। कार्यशाला में संयोजक डॉ विकास भाम्भू ने बताया कि इस अवसर पर प्रोफेसर डॉक्टर आर के वर्मा, डॉ मोहित कुमार, डॉ संदीप यादव, डॉ मोहित मीना, डॉ प्रवीण गुप्ता तथा डॉ अमित जैन आदि ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर डॉ रोहित, डॉ जयसिंह राठौर, डॉ ईश्वर मीना भी उपस्थित रहे।

परफेक्ट जीवनसंगी की तलाश? राजस्थानी मैट्रिमोनी पर निःशुल्क  रजिस्ट्रेशन करे!

यह भी पढ़ें:

जानिए गाइनेकोमेस्टिया के बारे में, जो पुरुषों की लाइफस्टाइल को प्रभावित करता है

कई बार अलग शारीरिक बनावट के कारण हमें समाज में शर्मिंदा होना पड़ जाता है। ऐसी ही तेजी से बढ़ती एक समस्या है पुरुषों में ब्रेस्ट विकसित होने की है, जिसे गाइनेकोमेस्टिया कहते है।

11/09/2019

लिगामेंट चोट में अब नई डबल बंडल तकनीक

एंटीरियर क्रूसिएट लिगामेंट घुटनों की चोट में सर्वाधिक चोटिल होने वाला लिगामेंट है। लिगामेंट दो हड्डियों की संरचना को जोड़ने वाली इकाई है, जो हड्डियों की चाल को आसान बनाती है।

08/05/2019

फिट मूवमेंट के तहत प्रदेश के युवाओं को करेंगे अवेयर

फिट इंडिया मूवमेंट की तर्ज पर एक वेलफेयर सोसायटी की ओर से फिट राजस्थान मूवमेंट का आयोजन किया जाएगा।

03/12/2019

वर्ल्ड हार्ट डे आज, कोरोना वायरस ने बढ़ाई हार्ट के मरीजों की परेशानी

कोरोना काल के दौरान सबसे ज्यादा दिक्कतों का सामना हृदय रोगियों को करना पड़ा है। कोरोना के कारण अस्पताल में जाने का डर और इलाज में देरी के कारण ज्यादतर हृदय रोगियों की इस दौरान मौत हो गई, जो कि मरने से पहले या मरने के बाद आई जांच में कोरोना पॉजिटिव पाए गए।

29/09/2020

एंडगेम ऑफ टबैको विषय पर वेबीनार में जुटे हेल्थ एक्सपर्ट, बचाव के संभावित तरीकों पर की चर्चा

पूर्णिमा यूनिवर्सिटी तथा जोधपुर स्कूल ऑफ पब्लिक हैल्थ की ओर से 'एंडगेम ऑफ टबैको: प्रोटेक्टिंग नेक्स्ट जनरेशन' विषय पर इंटरनेशनल वेबीनार आयोजित किया गया। इसमें देश-विदेश के हैल्थ एक्सपर्ट्स व एजुकेशनिस्ट्स ने युवा पीढ़ी को टबैको से बचाव के संभावित तरीकों के बारे में गंभीर चर्चा की।

07/06/2020

एम्स में आइवीयूएस व आईएफआर तकनीक से हुई पहली बार एंजियोग्राफी

एम्स जोधपुर के हृदय रोग विभाग ने इस नई तकनीक का इस्तेमाल करते हुए दो मरीजों का सफल इलाज किया। उत्तर भारत में इस तकनीक की सहायता से पहली बार इलाज किया गया। एम्स के निदेशक डॉक्टर संजीव मिश्रा ने बताया कि संस्थान के सभी विभागों में उच्चतम तकनीक से मरीजों का इलाज किया जाता है।

28/02/2021

मरने के बाद तीन लोगों को नई जिंदगी दे गया हरीश, लीवर और किडनी की डोनेट

28 साल का हरीश मरने के बाद भी तीन लोगों को नई जिन्दगी दे गया। रोड एक्सीडेंट के बाद ब्रेन डेड हुए जयपुर के हरीश के परिजनों ने ब्रेन डैड के लिए बनी कमेटी और अस्पताल के चिकित्सकों की समझाइश के बाद उसकी दोनों किडनी और लिवर दान करने की रजामंदी दी।

20/12/2019