Dainik Navajyoti Logo
Sunday 15th of December 2019
 
स्वास्थ्य

क्रिटीकल केयर वेंटीलेशन वर्कशॉप संपन्न, वेंटीलेटर पर बदलेगा सांस लेने का पैटर्न, बचेगी जान

Monday, November 18, 2019 11:55 AM
वर्कशॉप में जानकारी देते हुए एक्सपर्ट।

जयपुर। निमोनिया, डेंगू, स्वाइन फ्लू के गंभीर मरीजों में कई बार ऑक्सीजन की कमी होने से मल्टी ऑर्गन फेलियर से मरीज की मौत हो जाती है। इस स्थिति से मरीज को बचाने के लिए अब वेंटीलेटर में एडवांस मोड शामिल किए गए हैं, जिससे मरीज के सांस लेने के पैटर्न को बदल दिया जाता है और उसकी जान बच जाती है। रविवार को खासाकोठी सर्किल स्थित एक होटल में संपन्न हुई दो दिवसीय इंटरनेशनल क्रिटीकल केयर वेंटीलेशन वर्कशॉप में विशेषज्ञों ने गंभीर मरीजों को बचाने की नई तकनीकों पर चर्चा की।

एकेडमी ऑफ क्लीनिकल एजुकेशन और इंडियन सोसायटी ऑफ क्रिटीकल केयर मेडिसिन की ओर से आयोजित इस वर्कशॉप के समापन पर आयोजन सचिव डॉ. पंकज आनंद ने बताया कि वर्कशॉप के अंत में एक टेस्ट भी हुआ जिसमें एक्सपर्ट्स ने सिम्यूलेटर पर अलग-अलग मेडिकल कंडीशन बनाई और स्टूडेंट्स ने उसे बचाने का प्रयास किया।

एपीआरवी मोड से बदलेगा पैटर्न
वर्कशॉप में डॉ. आनंद व डॉ. संबित साहू बताया कि आईसीयू में भर्ती गंभीर मरीज को कई बार एडल्ट रेसपेरेट्री डिस्ट्रेस सिंड्रोम (एआरडीएस) हो जाता है। इस स्थिति में वेंटीलेटर लगने के बाद भी उसके फेफड़ों में सांस नहीं जा पाती और ऑक्सीजन की कमी के कारण खतरा बन जाता है। इससे मरीज को बचाने के लिए वेंटीलेटर में एडवांस मोड एपीआरवी आ गया है। इसकी सहायता से मरीज के सांस लेने के पैटर्न में बदलाव कर दिया जाता है, जिससे ऑक्सीजन की मात्रा फिर से ठीक हो जाती है। दिल्ली के डॉ. नितिन जैन ने बताया कि वेंटीलेटर से सांस न आने पर अब प्रोनिंग तकनीक से मरीज को सांस दी जाती है। यह काफी सस्ती तकनीक है और मौजूदा संसाधनों से ही डॉक्टर का उद्देश्य पूरा हो जाता है।

यह भी पढ़ें:

विश्व के 83 और भारत के 89 प्रतिशत लोग तनाव में जी रहे : वांगचुक

जयपुरिया इंस्टीट्यूट आॅफ मैनेजमेंट, जयपुर में सोमवार को भूटान के पूर्व शिक्षा मंत्री नोरबू वांगचुक का हैप्पीनेस लैसंस फ्रॉम भूटान विषय पर इंटरेनशनल गेस्ट सैशन आयोजित किया गया।

05/11/2019

इंसुलिनोमा टयूमर की हुई पहचान, मोलिक्यूर फंक्शनल इमेजिंग टेस्ट के जरिए कैंसर की जांच

शरीर में इंसुलिन की मात्रा को तेजी से बढ़ाने वाले कैंसर 'इंसुलिनोमा टयूमर' की पहचान राज्य में पहली बार हुई है। प्रदेश के भगवान महावीर कैंसर हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर के न्यूक्लियर मेडिसन विभाग में इस रेयर टयूमर को डायग्नोस किया गया है।

11/09/2019

एंकालूजिंग स्पॉन्डिलाइटिस से पीड़ित मरीज की हिप जॉइंट सर्जरी, 3डी प्रिंटिंग तकनीक से राजस्थान में पहले ऑपरेशन का दावा

राजधानी के एचसीजी अस्पताल में 20 साल से एंकालूजिंग स्पॉन्डिलाइटिस बीमारी से पीड़ित मरीज की सफल सर्जरी की गई। इस बीमारी में कूल्हे के जोड़ के एक जगह जड़ हो गए। डॉक्टर्स ने इस जटिल केस को 3डी प्रिंटिंग तकनीक की सहायता से सफलतापूर्वक ठीक कर दिया। दावा है कि राजस्थान में इस तरह की सर्जरी का यह पहला मामला है।

03/12/2019

अस्थमा नहीं है लाइलाज, इनहेलेशन थैरेपी है कारगर

अस्थमा एक क्रोनिक (दीर्घावधि) बीमारी है जिसमें श्वास मार्ग में सूजन और श्वास मार्ग की संकीर्णता की समस्या होती है जो समय के साथ कम ज्यादा होती है।

03/05/2019

देश में 16 प्रतिशत बच्चों में बिस्तर गीला करने की बीमारी

देश में स्कूल जाने की उम्र वाले 12 से 16 प्रतिशत बच्चे सोते समय बिस्तर गीला करने की समस्या से जूझ रहे हैं। यह समस्या न सिर्फ उनके व्यक्तित्व को प्रभावित करती है बल्कि उनके आत्मविश्वास को भी कमजोर कर रही है।

06/04/2019

सेरेब्रल मलेरिया की दस्तक, चपेट में आई बालिका

डेंगू बुखार और सामान्य मलेरिया के बाद अब प्रदेश में सेरेब्रल मलेरिया ने भी दस्तक दे दी है। इस बीमारी को जानलेवा फालस्पिैरम मलेरिया के नाम से भी जाना जाता है।

18/10/2019

मंत्री रघु शर्मा और सुभाष गर्ग ने SMS अस्पताल को दी कई सौगातें

अस्थि रोग विभाग के नॉर्थ विंग-प्रथम वार्ड के नवीनीकरण का लोकार्पण और अस्पताल में ही स्थित डाटा सेंटर की आईटी सेल का शुभारंभ कर प्रदेशवासियों को सौगात दी।

30/11/2019