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स्वास्थ्य

कोरोना से अटकी 'रोशनी', संक्रमण के चलते दान नहीं हो सकी आंखें

Monday, January 04, 2021 11:55 AM
प्रतीकात्मक तस्वीर।

जयपुर। राजस्थान में कोरोना महामारी के कारण अंधता से जूझ रहे हजारों लोगों के जीवन में रोशनी का इंतजार और लंबा हो गया है। संक्रमण के खतरे के चलते आंखें यानि कॉर्निया दान करने की रफ्तार पर ब्रेक से लग गए। प्रदेश में इस साल मार्च में कोरोना की दस्तक के बाद से कार्निया दान होने की प्रक्रिया एक तरह से थम सी गई। राजस्थान में पिछले साल जहां 1741 लोगों ने मरणोपरांत अपनी आंखें दान की थी, इनमें से 1293 अंधता पीड़ित लोगों को कार्निया ट्रांसप्लांट कर उनके जीवन को रोशन किया गया था। वहीं इस साल केवल 219 लोगों की मरणोपरांत कार्निया दान हो सकी है और केवल 187 लोगों को कार्निया ट्रांसप्लांट हुआ है।

13 साल में सबसे कम नेत्र दान
प्रदेश में वर्ष 2007 में 306 आंखें दान हुई थी। इसके बाद वर्ष 2012 के बाद से हर साल 1 हजार से ज्यादा ही आंखें दान हुर्इं हैं। कोरोना महामारी के कारण 13 साल बाद रिकॉर्ड कम आंखें दान हुई है। राजस्थान आई बैंक सोसायटी के अध्यक्ष बीएल शर्मा ने बताया कि तीन माह में आंखें दान कराने की प्रक्रिया को फिर से गति मिली है। इनमें से अस्सी फीसदी ट्रांसप्लांट की गई हैं।

क्यों थमा डोनेशन, कोविड जांच के बाद ही अब डोनेशन
कोरोना संक्रमण के चलते आंखों में भी वायरस का संक्रमण होने का खतरा रहता है। आई बैंक सोसायटी के वॉलेंटियर्स और कार्निया निकालने वाले टैक्नीशियन और डॉक्टरों को भी संक्रमण लगने का खतरा इससे हो सकता था। ऐसे में कार्निया का डोनेशन मार्च से जुलाई माह तक लगभग बंद सा हो गया था। आई बैंक सोसायटियों का काम ठप हो गया था। आंखें दान नहीं हो सकी थी। बाद में कोरोना गाइडलाइन का प्रोटोकॉल का कार्निया डोनेशन से पहले पालन कर जनस्वास्थ्य निदेशक डॉ. केके शर्मा ने डोनेशन की प्रक्रिया को रफ्तार देने की कोशिश की। इसके तहत अब मरणोपरांत परिजन व्यक्ति की आंखें दान करना चाहते हैं तो मृतक की पहले कोविड जांच कराई जाती है। रिपोर्ट नेगेटिव आने पर ही उसकी आंखें निकाल कर ट्रांसप्लांट में उपयोग की जा रही है।

किस साल में कितनी आंखें हुई दान
वर्ष       आंखें दान    ट्रांसप्लांट
2010       635         417
2011       953         465
2012      1023        603
2013      1168        801
2014      1070        638
2015      1001        683
2016      1254        904
2017      1289        777
2018      1221        876
2019      2179       1437
2020      1741       1293

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