Dainik Navajyoti Logo
Sunday 17th of October 2021
 
स्वास्थ्य

CBSE की 10वीं-12वीं की परीक्षा के नतीजे जल्द, 9वीं, 11वीं के छात्रों को फेल होने पर मिलेगा एक और मौका

Thursday, May 14, 2020 17:55 PM
सीबीएसई बोर्ड।

नई दिल्ली। केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा कि केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की 10वीं और 12वीं की परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन जारी है और 50 दिन के भीतर यह काम पूरा हो जाएगा तथा जल्दी ही परीक्षा के नतीजे आ जाएंगे। निशंक ने गुरुवार को देशभर के शिक्षकों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए संवाद करते हुए यह जानकारी दी। निशंक इससे पहले छात्रों और अभिभावकों के साथ इस तरह संवाद कर चुके हैं।

निशंक ने एक प्रश्न के उत्तर में बताया कि उत्तर दिल्ली को छोड़कर देशभर में 10वीं बोर्ड की सभी परीक्षाएं हो चुकी हैं और परीक्षाओं की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कार्य जारी है। इसके लिए देश में 3000 मूल्यांकन केंद्र बनाए गए हैं, जहां से उत्तर पुस्तिकाएं शिक्षकों को घर पर पहुंचाई जा रही हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जो शिक्षक उत्तर पुस्तिका के मूल्यांकन में लगे हुए हैं और साथ ही साथ ऑनलाइन क्लास भी ले रहे हैं, उन्हें अपने दिन भर के काम की रिपोर्ट भेजने की जरूरत नहीं है, क्योंकि उन्हें इस बात की छूट दी गई है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर किसी शिक्षक को यह निर्देश मिलता है कि वह काम की रिपोर्ट जमा करें तो वह शिक्षक इस बात की शिकायत मुझसे कर सकता है।               

एक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने यह भी कहा कि देश में कोरोना महामारी के कारण लॉकडाउन के बाद जब स्थिति सामान्य होगी, तभी क्लास शुरू होंगे और इसके लिए दिशानिर्देश जारी किए जाएंगे। उन्होंने यह भी बताया कि इस दिशा में एक टास्क फोर्स का गठन किया गया है और एनसीआरटी इस टास्क फोर्स की सिफारिशों के आधार पर यह गाइडलाइंस जारी करेगी। निशंक ने कहा कि स्कूल खुलने पर हमें यह तय करना होगा कि एक क्लास में 40 बच्चे बैठेंगे या 30 बच्चे। यह सब नए दिशानिर्देशों में होगा तथा क्लास बुलाने की क्या प्रक्रिया हो यह सारी बातें दिशानिर्देश में जारी की जाएंगी। उन्होंने देशभर के छात्रों को शिक्षकों को इस बात के लिए धन्यवाद प्रकट किया कि उन्होंने लॉकडाउन के दौरान ऑनलाइन शिक्षा के जरिए छात्रों को अच्छी तरह पढ़ाया।

9वीं,11वीं के छात्रों को फेल होने पर मिलेगा एक और मौका
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) के स्कूलों में पढ़ने वाले 9वीं और 11वीं कक्षा के छात्र अगर परीक्षा में फेल हो गए हों तो उन्हें परीक्षा देने का एक और अवसर दिया जाएगा। केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने ट्वीट कर इस बारे में जानकारी दी। उन्होंने अपने ट्वीट के साथ सीबीएसई द्वारा जारी उस प्रेस विज्ञप्ति को भी पोस्ट किया, जिसमें बताया गया कि 9वीं और 11वीं कक्षा के छात्रों को कोरोनो संकट को देखते हुए यह सुविधा इस साल दी जाएगी।                 

विज्ञप्ति में कहा गया है कि कोरोना संकट में छात्र तथा अभिभावक बहुत ही तनावपूर्ण स्थितियों में गुजर रहे हैं। ऐसे में अभिभावकों की ओर से बोर्ड से इस तरह की मांग लगातार की जा रही है कि 9वीं और 11वीं कक्षा के जो छात्र अपने पेपर में फेल हो गए हो उन्हें एक परीक्षा देने का अवसर प्रदान किया जाए। सीबीएसई ने कहा कि अभिभावकों की मांग को देखते हुए बोर्ड ने यह फैसला किया है कि अगर कोई छात्र 9वीं या 11वीं कक्षा की परीक्षा में फेल हो गया तो उसे एक बार ऑनलाइन या ऑफलाइन या किसी नवाचार तरीके से टेस्ट में बैठने की अनुमति दी जाए। बोर्ड ने कहा कि चाहे स्कूल में परीक्षाएं हो गई हो या नहीं हुई हो छात्रों को यह अवसर एक बार जरूर दिया जाएगा। गौरतलब है कि कोरोना महामारी में सीबीएसई की ओर से पहले ही 8वीं कक्षा के छात्रों को बिना परीक्षा के पास करने का निर्णय हुआ था।

परफेक्ट जीवनसंगी की तलाश? राजस्थानी मैट्रिमोनी पर निःशुल्क  रजिस्ट्रेशन करे!

यह भी पढ़ें:

दृढ़ इच्छा शक्ति और उचित इलाज से कैंसर को हराना होना चाहिए हमारा लक्ष्य: गहलोत

विश्व कैंसर दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा है कि हमारा लक्ष्य उचित उपचार एवं इच्छा शक्ति के माध्यम से कैंसर को हराने का होना चाहिए। सकारात्मक सोच, प्रतिरोध क्षमता और काबू पाने का दृढ़ संकल्प कैंसर के खिलाफ लड़ाई लड़ने में एक लंबा रास्ता तय करेगा।

04/02/2020

जिम में ट्रेनर की न करें अनदेखी

हर व्यक्ति,खासकर युवा पीढ़ी जिम में जाकर एक्सरसाइज के माध्यम से अपने शरीर को मजबूत बनाना चाहता है।

26/02/2020

SMS अस्पताल में पहली बार मेटल की नली से निकाला एक लीटर से ज्यादा मवाद और अपशिष्ट

पेनक्रियाज की बीमारी से पेट में बनी थी बड़ी गांठ

28/08/2021

उत्तर भारत में पहली बार कैडवरिक गुर्दा प्रत्यारोपण, SMS अस्पताल में हुआ सफल लीवर और किडनी ट्रांसप्लांट

एसएमएस अस्पताल के चिकित्सकों ने एक बार फिर अंग प्रत्यारोपण के क्षेत्र में कीर्तिमान स्थापित किया है। यहां चिकित्सकों ने पहली बार स्वयं के स्तर पर लीवर का ट्रांसप्लांट किया है। इस सफलता पर चिकित्सा मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने भी उत्तर भारत में पहली बार सफलतापूर्वक कैडवरिक गुर्दा प्रत्यारोपण करने पर एसएमएस प्रबंधन एवं डॉक्टर्स की टीम को बधाई दी है।

13/11/2020

मरने के बाद तीन लोगों को नई जिंदगी दे गया हरीश, लीवर और किडनी की डोनेट

28 साल का हरीश मरने के बाद भी तीन लोगों को नई जिन्दगी दे गया। रोड एक्सीडेंट के बाद ब्रेन डेड हुए जयपुर के हरीश के परिजनों ने ब्रेन डैड के लिए बनी कमेटी और अस्पताल के चिकित्सकों की समझाइश के बाद उसकी दोनों किडनी और लिवर दान करने की रजामंदी दी।

20/12/2019

युवाओं और महिलाओं में बढ़ रहे हार्ट फेलियर के मामले, 50 साल से कम उम्र के लोग ज्यादा प्रभावित

जयपुर में एक चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। दरअसल 50 साल से कम आयु वर्ग के मरीजों में हार्ट फेलियर के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। हालांकि आमतौर पर 60 से 65 वर्ष की आयु के लोगों में हार्ट फेलियर होता है।

14/02/2020

स्ट्रोक का सही समय पर इलाज कर 34 वर्षीय महिला मरीज की बचाई जान

जयपुर शहर के एक निजी अस्पताल के चिकित्सकों ने मैकेनिकल थ्रोम्बेक्टमी तकनीक से स्ट्रोक से पीड़ित एक 34 वर्षीय महिला मरीज की जान बचाने में सफलता प्राप्त की है। दरअसल मरीज को हाल ही में जब दुर्लभजी अस्पताल की इमरजेंसी में लाया गया था तब उसे अचेतन अवस्था के साथ ही शरीर के बाएं हिस्से में लकवे की शिकायत थी।

24/01/2021