Dainik Navajyoti Logo
Monday 30th of March 2020
 
स्वास्थ्य

युवाओं और महिलाओं में बढ़ रहे हार्ट फेलियर के मामले, 50 साल से कम उम्र के लोग ज्यादा प्रभावित

Friday, February 14, 2020 09:35 AM
सांकेतिक तस्वीर।

जयपुर। जयपुर में एक चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। दरअसल 50 साल से कम आयु वर्ग के मरीजों में हार्ट फेलियर के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। हालांकि आमतौर पर 60 से 65 वर्ष की आयु के लोगों में हार्ट फेलियर होता है। निष्क्रिय और सुस्त जीवन शैली, लगातार बढ़ता तनाव, नमक और चीनी ज्यादा खाना, सेहत को नुकसान पहुंचाने वाला भोजन और वायु प्रदूषण कुछ ऐसे कारक हैं, जिससे युवा आबादी को ज्यादा खतरा हो रहा है। हार्ट फेलियर सभी दिल की बीमारियों में मरीज की मौत होने और बार-बार अस्पताल में भर्ती होने का प्रमुख कारण है। भारत में हार्ट फेलियर के मरीजों की औसत उम्र 59 वर्ष है। वैसे यहां इसकी चपेट में मरीज पश्चिमी देशों के मुकाबले 10 साल पहले आ जाते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार उनके पास महीने में आने वाले 50 फीसदी से ज्यादा मरीज हार्ट फेलियर से पीड़ित होते हैं।

विशेषज्ञों की राय
जयपुर के एसएमएस हॉस्पिटल में कार्डियोलॉजी विभाग के हेड डॉ. एसएम शर्मा ने बताया कि आमतौर पर पुरुषों में 55 साल की उम्र से पहले और महिलाओं में 65 साल की आयु से पहले होने वाली दिल की किसी भी बीमारी को समय से पहले होना माना जाता है। देशभर में हार्ट फेलियर के मामले बढ़ रहे हैं, लेकिन जयपुर में युवाओं और महिलाओं में हार्ट फेलियर तेजी से बढ़ रहा है। इसका बड़ा कारण एक्सरसाइज ना करना, अनुचित खानपान और तनाव भरा जीवन।

फोर्टिस अस्पताल में इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजी के निदेशक डॉ. संजीब रॉय ने कहा कि हार्ट फेलियर का जोखिम बढ़ाने वाले कारकों और इसके लक्षणों के प्रति जागरुकता लाने की आवश्यकता है। इसके अलावा इस रोग से पीड़ित मरीज को अपनी जीवनशैली में बदलाव लाना चाहिए। इसके अलावा दवाओं को समय पर लेना चाहिए।

हार्ट फेलियर क्या है
हार्ट फेलियर में दिल की मांसपेशियां समय के साथ-साथ सख्त होती जाती हैं। इससे दिल रक्त का संचार ठीक तरह से नहीं कर पाता है। इससे शरीर के महत्वपूर्ण अंगों तक काफी सीमित मात्रा में ऑक्सीजन और दूसरे पोषक तत्व पहुंचते हैं। हार्ट फेलियर के ज्यादातर मरीजों की जांच अचानक तब होती है, जब वह पहली बार अस्पताल में भर्ती होते हैं।

क्या हैं लक्षण
हार्ट फेलियर के सामान्य लक्षणों में सांस लेने में परेशानी होना, टखनों, पैरों या पेट पर सूजन आना, अच्छी तरह सांस लेने के लिए ऊंचे तकिए की जरूरत पड़ना और रोजमर्रा के काम करते समय बिना किसी कारण के थकान महसूस करना शामिल है। लक्षण दिखने पर मरीज को समय से अपनी जांच करानी चाहिए और लाइफस्टाइल में तुरंत बदलाव करना चाहिए।

यह भी पढ़ें:

कैंसर उपचार में मददगार है साइको थैरेपी, बढ़ाती है रोगियों का इम्यून सिस्टम

सीबीटी, सीडीटी और एसडी थैरेपी का उपयोग कैंसर इलाज में एक वरदान के रूप में सामने आ रहा है। एडवांस स्टेज के कैंसर रोगियों के इलाज के लिए भी यह थैरेपी मददगार साबित हो रही है। इस थैरेपी के जरिए रोगियों के इम्यून सिस्टम की क्षमता को बढ़ाया जाता है, जिससे रोगी में कैंसर से लड़ने की क्षमता बढ़ रही है।

04/02/2020

गंभीर बीमारियों का इलाज भी होम्योपैथी से संभव

एक ओर जहां पूरा विश्व एलोपैथी दवाइयों और इलाज के पीछे भाग रहा है, वहीं होम्योपैथी पद्धति भी अब कई गंभीर रोगों के इलाज को संभव बना रही है।

10/04/2019

Video: जानिए, अस्थमा के इलाज से जुड़ी इनहेलेशन थैरेपी के बारे में

जागरुकता का अभाव, बदलती जीवनशैली, अनुचित खानपान और उससे बढ़ता मोटापा सहित प्रदूषण से अस्थमा तेजी से बढ़ रहा है।

07/05/2019

Video: मेंढक के स्टेम सेल से बनाया दुनिया का पहला जिंदा रोबोट, जो करेगा कैंसर का इलाज

अफ्रीकी मेंढक के स्टेम सेल से अमेरिका के वैज्ञानिकों ने दुनिया का पहला जिंदा और सबसे छोटा रोबोट तैयार किया है, जिसका आकार में इंच के 25वें भाग यानी 1 मिमी जितना है।

15/01/2020

पीठ दर्द के 80 से 90 प्रतिशत मामलों में किसी तरह की सर्जरी की जरूरत नहीं : डॉ. वसावड़ा

देश में हर पांच में से एक व्यक्ति कभी न कभी पीठ-दर्द का अनुभव करता है, लेकिन ऐसे 80 से 90 प्रतिशत मामले बिना किसी सर्जरी के मात्र जीवनशैली और खानपान में बदलाव, उचित व्यायाम और दवाओं तथा सही तरीके से आराम करने भर से ठीक हो जाते हैं।

16/10/2019

विश्व में टीबी के करीब 20 प्रतिशत मामले तम्बाकू सेवन से संबंधित : गुप्ता

आईआईएचएमआर यूनिवर्सिटी के चयेरमैन डॉ. एसडी गुप्ता ने कहा कि विश्व में टीबी के लगभग 20 प्रतिशत मामले तम्बाकू सेवन से संबंधित हैं।

05/12/2019

हेल्थ को लेकर भारत सहित 8 देशों के प्रतिनिधियों ने किया मंथन

हेल्थ को लेकर भारत सहित 8 देशों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया और हेल्थ में सुधार को लेकर विस्तार से मंथन किया।

13/11/2019