Dainik Navajyoti Logo
Sunday 20th of June 2021
 
स्वास्थ्य

ब्रेन ट्यूमर से थम नहीं जाती जिंदगी, जल्दी जांच और नई तकनीकों से इलाज संभव

Tuesday, June 09, 2020 15:05 PM
प्रतीकात्मक तस्वीर।

जयपुर। ब्रेन ट्यूमर की पहचान होने पर अकसर मरीज अपने जीवन की आशा छोड़ देते थे जबकि ब्रेन ट्यूमर से जिंदगी थम नहीं जाती है। चिकित्सा विज्ञान में आई नई तकनीकें ब्रेन ट्यूमर के मरीजों के लिए वरदान साबित हुई हैं। जल्दी जांच करवाकर नई तकनीकों से ब्रेन ट्यूमर का इलाज अब आसानी से संभव है और मरीज अपना जीवन सुखमय व्यतीत कर सकता है। वर्ल्ड ब्रेन ट्यूमर वीक के तहत नारायणा मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल के चिकित्सकों ने इस बीमारी के प्रति लोगों को जागरूक किया। हॉस्पिटल के सीनियर न्यूरो सर्जन डॉ. केके बंसल ने इस दौरान ब्रेन ट्यूमर सर्जरी करके भी लोगों को नया जीवन दिया।

इस मौके पर उन्होंने बताया कि हमारे शरीर में कोशिकाएं लगातार विभाजित होती रहती हैं, कोशिकाएं मरती हैं और उनकी जगह नई कोशिकाएं जन्म लेती हैं। इस व्यवस्था में कई बार किसी कारण से नई कोशिकाएं तो पैदा होती रहती हैं, लेकिन पुरानी कोशिकाएं नहीं मरती है। धीरे-धीरे कोशिकाओं और ऊतकों की एक गांठ बन जाती हैं, जिसे हम ट्यूमर कहते हैं। उन्होंने कहा कि जरूरी नहीं कि सभी ट्यूमर कैंसर के हों। करीब 40 से 50 प्रतिशत मामलों में ट्यूमर साधारण यानी बेनाइन होते हैं और कुछ ही मेलिग्नेंट यानी कैंसर वाले होते हैं।

एंडोस्कोपी सर्जरी से आसान हुआ इलाज
ब्रेन ट्यूमर होने पर इसका इलाज सर्जरी द्वारा ही संभव होता है। अभी तक एंडोस्कोपी की मदद से शरीर के कई अंगों की सर्जरी संभव होने लगी है। अब ब्रेन ट्यूमर के लिए भी इस तकनीक का इस्तेमाल किया जाने लगा है। मिनिमली इन्वेसिव तकनीक से इस मुश्किल सर्जरी में पहले से बेहतर परिणाम सामने आने लगे हैं। एंडोस्कोपिक सर्जरी की सहायता से मरीज को बड़ा चीरा नहीं लगाना होता और की-होल सर्जरी से ही उसका ट्यूमर निकाल दिया जाता है। इससे मरीज की रक्त वाहिकाओं को ज्यादा नुकसान नहीं पहुंचता और कम रक्तस्त्राव से उसकी सर्जरी हो जाती है। एंडोस्कोपिक सर्जरी से मरीज जल्दी रिकवरी कर अपने सामान्य जीवन में लौट सकता है।


ब्रेन ट्यूमर के लक्षण-:

  • सुबह उठने के तुरंत बाद ही सिर में दर्द होना।
  • अचानक उल्टी जैसा महसूस होना।
  • व्यक्ति के व्यवहार में परिवर्तन आना।
  • छोटी-छोटी बातों में चिड़चिड़ाहट होना।
  • आंखों की रोशनी कम होना।


बचाव के उपाय-:

  • तनाव रहित जीवन शैली।
  • भरपूर नींद लें।
  • मोबाइल फोन का सीमित उपयोग करें।
  • खान-पान संतुलित करें।
  • लक्षण दिखने पर डॉक्टर से तुरंत संपर्क करें।

परफेक्ट जीवनसंगी की तलाश? राजस्थानी मैट्रिमोनी पर निःशुल्क  रजिस्ट्रेशन करे!

यह भी पढ़ें:

डेंगू होने से फेफड़ों ने काम करना बंद कर दिया, वेंटीलेटर भी फेल, डॉक्टर्स ने बचाया

डेंगू के गंभीर स्थिति में हो जाने के बाद प्रिंस के फेफड़ों ने काम करना बंद कर दिया था। कृत्रिम सांस देने के लिए लगाया गया वेंटीलेटर भी फेल हो गया था।

18/10/2019

नई तकनीकों से संभव है ब्रेन ट्यूमर का इलाज

30 साल के हुलासमल और 50 साल की यशोदा को जब पता चला कि उन्हें ब्रेन ट्यूमर है तो मानों उनकी जिंदगी जैसे थम सी गई थी। जबकि नई तकनीकों से ब्रेन ट्यूमर का ईलाज संभव है और व्यक्ति जिंदगी पहले की तरह ही जी सकता है।

08/06/2019

एंडगेम ऑफ टबैको विषय पर वेबीनार में जुटे हेल्थ एक्सपर्ट, बचाव के संभावित तरीकों पर की चर्चा

पूर्णिमा यूनिवर्सिटी तथा जोधपुर स्कूल ऑफ पब्लिक हैल्थ की ओर से 'एंडगेम ऑफ टबैको: प्रोटेक्टिंग नेक्स्ट जनरेशन' विषय पर इंटरनेशनल वेबीनार आयोजित किया गया। इसमें देश-विदेश के हैल्थ एक्सपर्ट्स व एजुकेशनिस्ट्स ने युवा पीढ़ी को टबैको से बचाव के संभावित तरीकों के बारे में गंभीर चर्चा की।

07/06/2020

थ्रीडी टेक्नोलॉजी से दिया न्यूरो सर्जरी का लाइव डेमो, 12 साल की एकता का सफल ऑपरेशन

एसएमएस अस्पताल के न्यूरो सर्जरी विभाग में पहली बार एक्सप्लोर क्रेनिया वर्टिब्रल जंक्शन वर्कशॉप का आयोजन किया गया। एम्स नई दिल्ली सहित देश के नामचीन न्यूरो सर्जन्स ने तिरछी रीढ़ की हड्डी को सीधी करने तथा क्रिमियो वर्टिब्रल जंक्शन के फ्रैक्चर के थ्रीडी तकनीक से लाइव ऑपरेशन किए।

30/12/2019

ये 'मेडिकल ATM' चंद मिनटों में करेगा 58 तरह की मेडिकल जांच

देश में जल्दी ही बिना कठिनाई और अत्यधिक तेज मेडिकल जांच हर किसी के लिए संभव हो सकेगी। ऐसा एटीएम जैसे एक कियोस्क के कारण होगा। जो लोगों के लिए 58 तरह के अधिक बुनियादी और उन्नत पैथोलॉजी परीक्षणों की सुविधा देगा और अपनी रिपोर्ट भी तत्काल दे देगा।

04/10/2019

विश्व में टीबी के करीब 20 प्रतिशत मामले तम्बाकू सेवन से संबंधित : गुप्ता

आईआईएचएमआर यूनिवर्सिटी के चयेरमैन डॉ. एसडी गुप्ता ने कहा कि विश्व में टीबी के लगभग 20 प्रतिशत मामले तम्बाकू सेवन से संबंधित हैं।

05/12/2019

कोरोना रोगियों के लिए संजीवनी बनी प्लाज्मा थेरेपी, महात्मा गांधी अस्पताल में वेबीनार में विशेषज्ञों ने दी जानकारी

प्लाज्मा थेरेपी इलाज के लिए पहले भी काम में ली जाती रही है इस समय प्रयोग के तौर पर कोरोना रोगियों में रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के लिए प्रयोग किया जा रहा है। इसमें काफी हद तक सफलता भी मिली है। यह जानकारी महात्मा गांधी अस्पताल के ब्लड बैंक एवं ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन के निदेशक डॉ. राम मोहन जायसवाल ने दी।

21/08/2020