Dainik Navajyoti Logo
Friday 23rd of October 2020
 
स्वास्थ्य

एओर्टिक डिसेक्शन का जटिल ऑपरेशन कर बचाई जान, महात्मा गांधी अस्पताल के डॉक्टर्स ने की ब्लडलेस सर्जरी

Friday, October 09, 2020 11:40 AM
हार्ट सर्जन डॉ. एम ए चिश्ती और उनकी टीम ने की सफल सर्जरी।

जयपुर। शहर के सीतापुरा स्थित महात्मा गांधी अस्पताल के हार्ट सर्जन को एओर्टिक डिसेक्शन का जटिल ऑपरेशन कर एक युवक की जान बचाने में सफलता अर्जित की है। युवक बहुत ही नाजुक स्थिति में महात्मा गांधी अस्पताल में आया था। प्रख्यात हार्ट सर्जन डॉ एम ए चिश्ती ने तुरंत ही बीमारी की पहचान कर ली थी। रोगी को मोरफैंस सिंड्रोम नामक बीमारी की वजह से हृदय की महाधमनी की परतें विभाजित हो गई थी तथा इनमें लीकेज की वजह से एन्युरिज्म यानी फुलाव आकर खून भर गया था। ऐसे  दुर्लभ व जटिल मामले 1 लाख व्यक्तियों में से 1 से 3 रोगी में ही सामने आते है। रोगी का एओर्टिक वाल्व खराब हो गया था और हार्ट, लीवर, किडनी फैलियर की स्थिति थी, जो रोगी के लिए जानलेवा स्थिति होती है, लेकिन अनुभवी चिकित्सकों ने सफल ऑपरेशन के जरिए रोगी को नया जीवन प्रदान किया।

उल्लेखनीय है कि डॉ. चिश्ती को राज्य में पहला हृदय प्रत्यारोपण करने का श्रेय भी हासिल है। महात्मा गांधी अस्पताल के हार्ट सर्जरी विभाग के निदेशक डॉ. चिश्ती के अनुसार रोगी दिल की बीमारी से बीते लगभग 3 साल से पीड़ित था। एओर्टिक वाल्व सामान्यतया 2.5 डाई सेंटीमीटर तक फूलता है फिर नॉर्मल हो जाता है। किंतु इस रोगी के फुलाव 4 गुना बढ़कर 10 डाई सेमी तक हो गया था।

इस प्रकार हुई यह ब्लडलेस सर्जरी
डॉ. चिश्ती ने बताया कि पहले रोगी को मेडिकल मैनेजमेंट के जरिए लीवर व किडनी फेलियर की स्थिति से बाहर निकाला गया। एओर्टा डिसेक्शन के इस जटिल ऑपरेशन में रोगी का खून हार्ट एवं लंग्स मशीन में पहुंचा दिया गया तथा हार्ट को 20 मिनट तक बंद कर दिया गया। ब्रेन को दोनों के एओर्टिक आर्टिज के जरिए ब्लड सप्लाई दी गई। हार्ट को सुरक्षित रखने के लिए कार्डियक प्लीजिया दिया गया। एक विशेष प्रकार का 'डेक्रोम ग्राफ्ट' लगाकर रक्त संचार को सुचारू किया गया। ऑपरेशन 8 घंटे तक चला। इस सर्जरी की विशेष बात यह थी कि सर्जरी के दौरान जरा भी खून का रिसाव नहीं हुआ। इसे ब्लडलेस सर्जरी कहा जाता है। रोगी के ठीक हो जाने पर उसे घर भेज दिया गया। खास बात यह भी है कि दिल्ली व अन्य मेट्रो सिटीज के मुकाबले उपचार खर्च इस सर्जरी में एक चौथाई से भी कम रहा।

यह भी पढ़ें:

जयपुर में जुटे देश-विदेश के नामचीन शिशु रोग विशेषज्ञ

बंदोपाध्याय ने कहा कि देश में शिशु मृत्युदर चिंता का विषय है, इसे कम करने के लिए हमें समाज की मानसिकता को बदलना होगा।

05/10/2019

17 वर्षीय हार्ट रिसिपिएंट अस्पताल से डिस्चार्ज, कुछ दिनों तक रहेगा चिकित्सकों की निगरानी में

प्रदेश के सबसे बड़े सवाई मानसिंह अस्पताल से 17 वर्षीय हार्ट रिसिपिएंट को डिस्चार्ज कर दिया गया। वह अब पूरी तरह से स्वस्थ्य है और अपने रोजमर्रा के जरूरी काम करने में सक्षम है। लेकिन उअस्पताल प्रशासन की ओर से उसे एतिहात के लिए बनीपार्क जयसिंह हाइवे स्थित माधव आश्रम में रखा गया।

07/02/2020

क्रिटीकल केयर वेंटीलेशन वर्कशॉप संपन्न, वेंटीलेटर पर बदलेगा सांस लेने का पैटर्न, बचेगी जान

खासाकोठी सर्किल स्थित एक होटल में संपन्न हुई दो दिवसीय इंटरनेशनल क्रिटीकल केयर वेंटीलेशन वर्कशॉप में विशेषज्ञों ने गंभीर मरीजों को बचाने की नई तकनीकों पर चर्चा की।

18/11/2019

इस खास तकनीक से बिना सीना चीरे बदला हार्ट वाल्व

कभी बुजुर्गों की मानी जाने वाले हृदय की बीमारियां अब युवा पीढ़ी को भी अपनी चपेट में ले रही है । यह समाज के लिए बड़ी चुनौती है।

07/11/2019

घुटने के टिश्यू निकालकर की कंधे की दुर्लभ सर्जरी

शहर के मानसरोवर स्थित इंडस हॉस्पिटल में झुंझुनूं निवासी 45 वर्षीय अमरचंद के घुटने के टिश्यू निकालकर कंधे की सफल सर्जरी की गई।

20/04/2019

एंडगेम ऑफ टबैको विषय पर वेबीनार में जुटे हेल्थ एक्सपर्ट, बचाव के संभावित तरीकों पर की चर्चा

पूर्णिमा यूनिवर्सिटी तथा जोधपुर स्कूल ऑफ पब्लिक हैल्थ की ओर से 'एंडगेम ऑफ टबैको: प्रोटेक्टिंग नेक्स्ट जनरेशन' विषय पर इंटरनेशनल वेबीनार आयोजित किया गया। इसमें देश-विदेश के हैल्थ एक्सपर्ट्स व एजुकेशनिस्ट्स ने युवा पीढ़ी को टबैको से बचाव के संभावित तरीकों के बारे में गंभीर चर्चा की।

07/06/2020

फिट मूवमेंट के तहत प्रदेश के युवाओं को करेंगे अवेयर

फिट इंडिया मूवमेंट की तर्ज पर एक वेलफेयर सोसायटी की ओर से फिट राजस्थान मूवमेंट का आयोजन किया जाएगा।

03/12/2019