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स्वास्थ्य

WHO ने कोरोना वायरस को दिया COVID-19 नाम, कहा- 18 महीने में तैयार होगी वैक्सीन

Wednesday, February 12, 2020 13:30 PM
मीडिया से बात करते हुए डब्ल्यूएचओ के प्रमुख टेड्रोस अदनोम घेब्रेयसेस।

जिनेवा। दुनिया के अलग-अलग हिस्‍सों में वैज्ञानिक कोरोना वायरस से निपटने की मुहिम में लगे हैं। इस वायरस से लड़ने का टीका विकसित करने के लिए लाखों डॉलर के अभियान में ऑस्ट्रेलिया, चीन, फ्रांस, जर्मनी और अमेरिका की कई कंपनियां, संस्थान और वैज्ञानिक नई तकनीक का भी सहारा ले रहे हैं। मंगलवार को जिनेवा में न्यू कोरोना वायरस पर दो दिवसीय वैश्विक अध्ययन और नवाचार सम्मेलन में विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के महानिदेशक टेड्रोस अदनोम घेब्रेयसेस ने न्यू कोरोना वायरस को COVID-19 का नाम दिया।

उन्होंने कहा कि चीन में कोरोना के 99 फीसदी मामले पाए गए हैं, इसलिए यह उस देश के लिए एक आपदा है, लेकिन पूरे विश्व के लिए भी बहुत बड़ा खतरा है। दो दिवसीय इस संगोष्ठी में वैज्ञानिक कोरोना वायरस के फैलने और इसका संभावित टीका विकसित करने पर विचार करेंगे। टेड्रोस ने कहा कि सबसे जरूरी है कि इस वायरस को फैलने से रोका जाए और जिंदगियां बचाई जाएं। आपके सहयोग से हम यह मिलकर कर सकते हैं।

उन्होंने कहा कि अब हमारे पास बीमारी के लिए नाम है और यह कोविड-19 है। उन्होंने नाम की व्याख्या करते हुए कहा कि ‘‘को’’ का मतलब ‘‘कोरोना’’, ‘‘वि’’ का मतलब ‘‘वायरस’’ और ‘‘डी’’ का मतलब ‘‘डिसीज’’ (बीमारी) है। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस के लिए पहला टीका 18 महीनों के भीतर तैयार किया जाएगा। टेड्रोस ने कहा कि कोरोना वायरस का प्रकोप पूरी दुनिया के लिए बहुत गंभीर खतरा है और इसे लोगों के दुश्मन नंबर 1 के रूप में देखा जाना चाहिए। टेड्रोस ने सभी देशों से आग्रह किया कि वे वायरस का पता लगाने और उसमें शामिल होने के लिए कदम उठाएं।

टेड्रोस ने कुछ सरकारों के आतंकवाद विरोधी उपायों का जिक्र करते हुए कहा कि एक वायरस हमला किसी भी आतंकवादी हमले की तुलना में राजनीतिक, आर्थिक और सामाजिक उथल-पुथल पैदा करने में अधिक शक्तिशाली है। उन्होंने कहा कि किसी भी आतंकवादी कार्रवाई की तुलना में एक वायरस के अधिक घातक परिणाम हो सकते हैं। टेड्रोस ने आशा जताई कि विभिन्न पक्ष संबंधित मुद्दों पर सहमति हासिल करेंगे और योजना बनाएंगे।

उन्होंने कहा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन दुनिया भर के 400 से अधिक वैज्ञानिकों के साथ विचार-विमर्श कर रहा है। रोडमैप बनाना भी महत्वपूर्ण है, जिससे संबंधित संगठनों को साफ दिशा दी जाएगी और सार्वजनिक स्वास्थ्य पर बड़ा प्रभाव पड़ेगा। टेड्रोस ने कहा कि पहला टीका 18 महीनों के भीतर सामने आएगा। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने मरीजों के इलाज और स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की रक्षा के लिए संबंधित सामग्रियों को विभिन्न देशों में पहुंचाया है। उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय सहयोग मजबूत करने की अपील भी की।

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