Dainik Navajyoti Logo
Sunday 27th of September 2020
 
स्वास्थ्य

मोबाइल का हद से ज्यादा उपयोग करने वालों को टेनिस एल्बो का खतरा

Wednesday, January 15, 2020 01:10 AM
टेनिस एल्बो से पीड़ित मरीज को इंजेक्शन लगाते हुए डॉक्टर।

जोधपुर। यह खबर हर घर हर अभिभावकों के लिए जरूरी है। मोबाइल का हद से ज्यादा उपयोग करने वाले लोग टेनिस एल्बो से पीड़ित होने लगे हैं। इतना ही नहीं वे बच्चे जो आउटडोर गेम की बजाय दिनभर वीडियो गेम या मोबाइल में गेम खेलते रहते हैं, उन्हें भी टेनिस एल्बो का असहनीय दर्द हो सकता है। आमतौर पर खिलाड़ियों को होने वाले टेनिस एल्बो को लेकर हैरान करने वाली जानकारी सामने आई है।

मथुरादास माथुर अस्पताल की ओपीडी में मोबाइल के जरूरत से ज्यादा उपयोग करने वाले ऐसे कई लोग आए जिनकी जांच में टेनिस एल्बो पाया गया। औसतन हर ओपीडी में ऐसा एक केस आ रहा है तो बच्चों में गेमिंग से हाथ में असहनीय दर्द के हर ओपीडी में करीब 3 केस आ रहे हैं। बाड़मेर के रमेश को तो ज्यादा बाइक चलाने पर टेनिस एल्बो हो गया। वे पहले रोज 60 किमी बाइक चलाते थे,इस पर उनके हाथ में दर्द हुआ और जांच कराने पर टेनिस एल्बो पाया गया।


एक्सपर्ट व्यू
टेनिस एल्बो केवल खिलाड़ियों को ही नहीं होता। अभी ऐसे कई केस सामने आए हैं, जिसमें मोबाइल का हद से ज्यादा उपयोग करने वालों को टेनिस एल्बो हो गया। क्योंकि मोबाइल हाथ में रहता है और उपयोग के लिए यूज करना पड़ता है। ऐसे ही गेम में व्यस्त रहने वाले बच्चे भी इससे पीड़ित हुए हैं। ऐसी महिलाएं जो घरेलू काम-काज हद से ज्यादा करती है उन्हें भी टेनिस एल्बो हो गया। हाथ का जरूरत से ज्यादा उपयोग करने पर मशल्स में सूजन आ जाती है। इसके बाद सही तरीके से वह हाथ काम नहीं करता और असहनीय व लगातार दर्द होता है। 


क्या है टेनिस एल्बो
1.टेनिस प्लेयर में सबसे पहले इस रोग का खुलासा हुआ था, इसलिए इसका नाम टेनिस एल्बो पड़ा।
2.क्रिकेट के भगवान माने जाने वाले सचिन तेंदुलकर भी अपने कॅरियर में इसके दर्द से परेशान रहे।
3.टेनिस एल्बो में हाथ की मशल्स में सूजन आती है, इससे तकलीफ होती है।


क्या है इसके लक्षण
1. टेनिस एल्बो होने पर कोहनी में दर्द की शिकायत होती है।
2.यह दर्द लगतार और असहनीय हो जाता है तो समझ लेना चाहिए कि टेनिस एल्बो है।
3. टेनिस एल्बो होने पर हाथ सही तरीके से काम नहीं करता है।


क्या है इसके बचाव
1. टेनिस एल्बो से बचाव करना है तो सबसे पहले उस हाथ का उपयोग कम करना चाहिए,जिसमें दर्द है।
2.तत्तकाल डॉक्टर्स से परामर्श लेना चाहिए।
3.फिजियो थैरोपिस्ट की बताई एक्सरसाइज समय पर करनी चाहिए।


घर के काम में अति व्यस्त रहने पर गृहणियों को भी टेनिस एल्बो हुआ
एमडीएम अस्पताल की ओपीडी में हड्डी रोग विशेषज्ञ उस समय हैरान रह गए जब गृहणियों में भी टेनिस एल्बो के लक्षण मिले। औसतन एक ओपीडी में 3 महिलाएं ऐसी मिली जिन्हें इस दर्द की शिकायत थी। घर के काम जैसे कपड़े धोना, चक्की चलाना, आटा गूंथना, झाड़ू-पौछे लगाना, सिलाई मशीन चलाना जैसे काम में व्यस्त व हाथ से ज्यादा काम करने से उन्हें टेनिस एल्बो हुआ। 

यह भी पढ़ें:

गंभीर कैंसर रोगियों का दर्द कम करती है पैलिएटिव थैरेपी

कैंसर एक घातक व दिल दहला देने वाली जानलेवा बीमारी है। दुनिया भर में होने वाली छह में से एक व्यक्ति की मौत का कारण कैंसर है।

18/04/2019

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कोरोना वायरस को लेकर आपातकाल किया घोषित

चीन में कोरोना वायरस से मरने वालों की संख्या 212 हो गई है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कोरोना वायरस को लगातार बढ़ने के कारण अंतर्राष्ट्रीय आपातकाल घोषित कर दिया है।

31/01/2020

विषम परिस्थितियों में नई तकनीक व प्रोटोकॉल डिजाइन कर नवजात की सफल हार्ट सर्जरी

फोर्टिस हॉस्पिटल के शिशु हृदय रोग सर्जरी विषेशज्ञ डॉ. सुनिल कौशल ने 15 दिन के बच्चे की दुर्लभ सफल आर्टियल स्वीच सर्जरी की। इस सर्जरी के दौरान डॉ. कौशल ने चिकित्सा जगत में नए आयाम स्थापित किए। डॉ. सुनील ने बताया की बच्चे को हृदय की दुर्लभ जन्मजात बीमारी थी, जिसे ट्रांसपोजीशन ऑफग्रेट आर्टरी कहा जाता है और उसका एक मात्र ईलाज आर्टियल स्वीच नामक हार्ट का ऑपरेशन ही है।

02/05/2020

एसएमएस अस्पताल में दूसरा हार्ट ट्रांसप्लांट

सवाईमानसिंह (एसएमएस) अस्पताल के चिकित्सकों ने एक महीने के भीतर दो हार्ट ट्रांसप्लांट कर इतिहास रच दिया है।

13/02/2020

पीठ दर्द के 80 से 90 प्रतिशत मामलों में किसी तरह की सर्जरी की जरूरत नहीं : डॉ. वसावड़ा

देश में हर पांच में से एक व्यक्ति कभी न कभी पीठ-दर्द का अनुभव करता है, लेकिन ऐसे 80 से 90 प्रतिशत मामले बिना किसी सर्जरी के मात्र जीवनशैली और खानपान में बदलाव, उचित व्यायाम और दवाओं तथा सही तरीके से आराम करने भर से ठीक हो जाते हैं।

16/10/2019

मांझे ने गहराई तक काटा टखना, डॉक्टरों ने सर्जरी कर बचाया

पतंगबाजी के जुनून में मांझा हर किसी के लिए आफत बना हुआ है। ऐसे ही आशिदा के पैर में मांझा फंसने से उनका टखना बुरी तरह से कट गया, खून इतना बह गया कि बीपी तक रिकॉर्ड नहीं हो पा रहा था।

17/01/2020

बिना किसी सर्जिकल उपचार के झुर्रियों से छुटकारा, बोटोक्स ट्रीटमेंट से मिलेगा लाभ

ढलती उम्र की निशानियां हमारे शरीर में भी देखने के मिलती है और इसका पहला आईना चेहरा होता है। चेहरे पर बढ़ती झुर्रियां और कसावट कमजोर होने जैसी समस्या एक दिन सभी को झेलनी पड़ती है। लेकिन वातावरण में मौजूद प्रदूषण, वंशानुगत असर और लाइफस्टाइल जैसे कई कारक त्वचा को प्रभावित करते हैं और वक्त से पहले ही झुर्रियां आने लगती हैं। झुर्रियां के इलाज के लिए सबसे आम इलाज बोटोक्स ट्रीटमेंट है।

03/10/2019