Dainik Navajyoti Logo
Friday 28th of January 2022
 
स्वास्थ्य

एमजीएच के निश्चेतना विभाग का कमाल : 20 वर्षीय युवती को दुर्लभ बौनेपन व सांस की बीमारी से दिलाई राहत

Thursday, January 06, 2022 02:35 AM
महात्मा गांधी अस्पताल, जोधपुर

जोधपुर। महात्मा गांधी अस्पताल अधीक्षक डॉ. राजश्री बेहरा ने बताया कि मालियों का बास निवासी 20 वर्षीय यशोदा दिपावली के बाद से ही गम्भीर सांस की तकलीफ से ग्रसित थी। जिसके चलते उसका खाना-पीना भी बंद हो गया था। विभिन्न अस्पतालों आईसीयू में भर्ती एवं उपचार करवाया, लेकिन कोई सुधार नहीं होने पर मरीज को महात्मा गांधी अस्पताल में उपचार के भर्ती करवाया गया। युवती को 18 दिसम्बर 2021 को महात्मा गांधी चिकित्सालय के निश्चेतना विभाग आईसीयू में भर्ती किया गया।

 

नॉजल मास्क से दी ऑक्सीजन

निश्चेतना विभाग के डॉक्टरों ने मरीज को बिना किसी ट्यूब के डाले हाईफ्लो नॉजल मॉस्क से 60 से 70 प्रति मिनट की दर से ऑक्सीजन देने का निर्णय लिया। जिससे धीरे-धीरे मरीज का फेफड़ा फूल गया, साथ-साथ मरीज को एन्टीबॉयोटिक दवाइयां दी जा रही थी। मरीज को एटिपिकल निमोनियॉ हो गया था, जिससे फेफड़े को फूलने में दिक्कत हो रही थी। यशोदा का महात्मा गांधी अस्पताल के आईसीयू में नवीन पद्धति से उपचार किया गया। जिससे मरीज बिल्कुल स्वस्थ हो गई और अपने आप खाना खाने के साथ आराम से पानी पीने लगी है। 17 दिन के गहन इलाज के पश्चात मरीज आईसीयू से डिस्चार्ज किया गया। मरीज का उपचार मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत नि:शुल्क किया गया।

 

उपचार करने वाली टीम

रोगी के उपचार में डा. एम एल टाक वरिष्ठ आचार्य एवं विभागाध्यक्ष निश्चेतना विभाग, डॉ. आर के सोलंकी वरिष्ठ आचार्य आईसीयू प्रभारी डा. नवीन पालीवाल सह आचार्य डॉ. सुखदेव राम, वरिष्ठ आवासीय चिकित्सक आईसीयू डॉ. लक्ष्मण, डॉ. हितेन्द्र, डॉ. सोनाली, कनिष्ठ आवासीय चिकित्सक आई सी यू एवं स्टाफ महादेवी शर्मा एवं आईसीयू नर्सिंग प्रभारी पवन, ममता, दिनेश आदि का सहयोग रहा।

 

क्या है यह दुर्लभ बीमारी बीमारी

इस दुर्लभ बीमारी में जन्मजात बौनेपन, रीढ की हड्डी की विकृति, फेफड़ों का विकसित नहीं होने के साथ ही मरीज के दिमाग को पूरी तरह से ऑक्सीजन नहीं मिल पाती है। जिससे मरीज का धीरे-धीरे ऑक्सीजन लेवल कम होने लगता है और उसकी मौत हो जाती है। 

 

दुर्लभ बीमारी से ग्रसित

मरीज की स्थिति जॉच के बाद डॉक्टरों को पता चला कि मरीज ड्वार्फिज्म के साथ डबल करवेचर स्पाइन डिफॉमिटी प्लस ऑडोटाइड हाइपोप्लेसिया नामक दुर्लभ बीमारी से ग्रसित है। युवती का कद मात्र पौने चार फीट होने के साथ उसके फेफड़े सामान्य व्यक्ति से 50 प्रतिशत कम क्षमता वाले थे। जिससे उसे पानी पीने खाना खाते समय सांस रोकने में तकलीफ रहती थी। चूंकि मरीज के फेफड़े इतने डवलप ही नहीं हो रखे थे कि बिना ऑक्सीजन के खाना खाने या पानी पीने के समय तक हॉल्ड कर सके। युवती का ऑक्सीजन सैचुरेशन 60 से 70 प्रतिशत हो गया था। जिसके कारण दिमाग को ऑक्सीजन ही नहीं मिल रही थी और मरीज धीरे-धीरे मौत की ओर बढ़ रही थी। ऐसे में भी यदि युवती को ट्यूब डालकर कृत्रिम सांस दी जाती तो उसका कमजोर फेफड़ा फट सकता था।

परफेक्ट जीवनसंगी की तलाश? राजस्थानी मैट्रिमोनी पर निःशुल्क  रजिस्ट्रेशन करे!

यह भी पढ़ें:

ई-संजीवनी ओपीडी सेवा से मरीजों को कतारों से मिली मुक्ति, घर बैठे मिल रहा परामर्श

कोरोना के चलते आमजन को घर बैठे परामर्श सेवाओं के लिए राज्य सरकार द्वारा ई-संजीवनी ओपीडी सेवा शुरू की गई है। जिससे अस्पतालों में भीड़ नियंत्रण कर संक्रमण को कम किया जा सके और आमजन को सरलता से परामर्श सेवा प्राप्त हो सके। इस सुविधा का आमजन लाभ भी उठा रहे हैं।

21/05/2020

SMS अस्पताल: हार्ट ट्रांसप्लांट के बाद मरीज को वेलिंलेटर से हटाया, तबीयत में हो रहा सुधार

सवाई मानसिंह अस्पताल (SMS) में जिस मरीज का हार्ट ट्रांसप्लांट हुआ, उस मरीज को वेंटिलेटर से हटा दिया गया है और उसकी तबीयत में सुधार है।

17/01/2020

सर्दी में 35 % तक बढ़ जाते हैं स्ट्रॉक

अल्कोहल, धूम्रपान, जंकफूड के कारण 40 से कम उम्र के लोग भी हो रहे स्ट्रोक से पीड़ित

24/12/2021

इस खास तकनीक से बिना सीना चीरे बदला हार्ट वाल्व

कभी बुजुर्गों की मानी जाने वाले हृदय की बीमारियां अब युवा पीढ़ी को भी अपनी चपेट में ले रही है । यह समाज के लिए बड़ी चुनौती है।

07/11/2019

SMS अस्पताल में कैंसर रोगियों को मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं

एसएमएस अस्पताल में अब कैंसर सर्जरी और मेडिसिन विभाग के भर्ती मरीजों को अत्याधुनिक वातानुकूलित वार्ड की सुविधा मिलना शुरू हो गई है।

13/04/2019

मोबाइल का हद से ज्यादा उपयोग करने वालों को टेनिस एल्बो का खतरा

यह खबर हर घर हर अभिभावकों के लिए जरूरी है। मोबाइल का हद से ज्यादा उपयोग करने वाले लोग टेनिस एल्बो से पीड़ित होने लगे हैं। इतना ही नहीं वे बच्चे जो आउटडोर गेम की बजाय दिनभर वीडियो गेम या मोबाइल में गेम खेलते रहते हैं, उन्हें भी टेनिस एल्बो का असहनीय दर्द हो सकता है।

15/01/2020

सीओपीडी से होने वाली मौतों के मामले में भारत दुनिया में दूसरे स्थान पर, राजस्थान की भी स्थिति बेहद खराब

प्रदूषण और धूम्रपान है क्रोनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिसीज़ यानी सीओपीडी रोग का बड़ा कारण

17/11/2021