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Friday 28th of January 2022
 
फोटो गैलरी
  • अपनों को अंतिम प्रणाम

    साल-2021 में कोरोना वायरस की वजह से कई लोगों की जान गई। पिछले दो सालों से कोरोना ने आम जिदंगियों को काफी प्रभावित किया है। साल-2021 की शुरुआत में सबको उम्मीद थी कि इस साल इस महामारी से छुटकारा मिलेगा, लेकिन साल के अंत तक भी ये बीमारी चुनौती बनी हुई है। तस्वीरें जो खुद-ब-खुद बयां करती जिदंगी के संघर्ष की कहानी।
  • गंगा तट पर लाशों का जमावड़ा

    कोरोना के दौरान प्रयागराज में गंगा नदी में बहकर आए शवों को उसी के किनारे मिट्टी में दबा दिया था।
  • संकट में सांसें

    भारत के लिए ये दौर बीते कई दशकों के सबसे मुश्किल दौर में से एक साबित हुआ। जब कोरोना के डेल्टा वैरिएंट ने देश में जमकर कहर मचाया। इस दौरान देश की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की पोल तो खोली ही, लोगों को आॅक्सीजन सिलेंडर और रेमडेसिविर के लिए भी बहुत भटकना पड़ा।
  • अपनों का दर्द

    ये वो दर्द था जो आज भी लोगों की यादों में ताजा है।
  • सुखद: 100 करोड़ वैक्सीन डोज पूरे

    भारत के औषधि नियामक ने सीरम इंस्टीट्यूट आॅफ इंडिया द्वारा निर्मित आॅक्सफोर्ड कोविड-19 टीके ‘कोविशील्ड’ और भारत बायोटेक के स्वदेशी टीके ‘कोवैक्सीन’ के देश में सीमित आपात इस्तेमाल को मंजूरी मिली।
  • PM नरेन्द्र मोदी ने देश में कोविड के खिलाफ दुनिया के सबसे बड़े वैक्सीनेशन अभियान का आगाज किया और पहली डोज सेनेटाइजेशन वर्कर मनीष को लगी थी।

    18 से 40 साल के लोगों के लिए कोरोना वैक्सीनेशन की शुरुआत की गई।

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