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शिक्षा जगत

50 हजार से 2 लाख तक की फीस वहन करेगी सरकार, महिला शोधार्थियों को टिस्क से मिलेंगी सुविधाएं

Saturday, November 30, 2019 10:00 AM
मुग्धा सिन्हा ने कहा कि पेटेंट के मामले में स्टार्टअप को ही टिस्क से नि:शुल्क सुविधा प्रदान की जा रही थी, लेकिन अब महिला शोधार्थी को भी यह सुविधा मिलेगी।

जयपुर। राज्य सरकार प्रदेश की महिला शोधार्थियों को टेक्नोलॉजी एण्ड इनोवेशन सपोर्ट सेन्टर (टिस्क) से जोड़ेंगी, ताकि उनको अपने उत्पाद के पेटेंट करने के दौरान ड्राफ्टिंग, ट्रैड मार्क एवं डिजाइन की नि:शुल्क सुविधा मिल सकें। इससे शोधार्थी की व्यय होने वाली 50 हजार से 2 लाख रुपए तक की फीस सरकार ही वहन करेगी। दरअसल कई महिला शोधार्थी विज्ञान एवं तकनीक के क्षेत्र में कार्य करते हुए घरेलू परिस्थितियों के कारण कुछ समय तक इस कार्य से अलग रहती है। ऐसे शोधार्थियों को महिला वैज्ञानिकों के रूप में विकसित करने के उद्देश्य से विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी कार्यशाला का आयोजन किया गया है, ताकि उनको स्वरोजगार से जोड़ा जा सके एवं आसानी से नौकरी भी प्राप्त हो सके। इसको लेकर बिड़ला साइंस टेक्नोलॉजी सेन्टर में जयपुर, उदयपुर, कोटा, बीकानेर, टोंक सहित अन्य जिलों में संचालित 20 विश्वविद्यालयों के महिला शोधार्थी, महिला प्रोफेसर एवं लॉ की छात्राओं को बौद्घिक सम्पदा अधिकार, कॉपीराइट एवं पेटेंट पर आयोजित दो दिवसीय कार्यशाला हो रही है।

विज्ञान का बहुत बड़ा क्षेत्र
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के शासन सचिव मुग्धा सिन्हा ने कहा कि पेटेंट के मामले में स्टार्टअप को ही टिस्क से नि:शुल्क सुविधा प्रदान की जा रही थी, लेकिन अब महिला शोधार्थी को भी यह सुविधा मिलेगी। विज्ञान एवं तकनीक एक भविष्य है, जो आज निवेश कर रहे है, वह भविष्य का फल है। हमारा उद्देश्य रोजगार से रोजगार देने की तरफ होना चाहिए, ताकि जिससे आज भारत के 909 विश्वविद्यालयों में पढ़ने वाले 3.50 करोड़ विद्यार्थियों को भी समय रहते उचित राह मिल सके। विज्ञान का बहुत बड़ा क्षेत्र है और जानकारी एवं सुविधा के अभाव में विद्यार्थी आगे नहीं बढ़ पाता है।

विश्वविद्यालयों में भेजेंगे विशेषज्ञ
प्रदेश के कई विश्वविद्यालयों के प्रोफेसर एवं शोधार्थी छात्र-छात्राएं जयपुर नहीं आ सकते हैं। उनके लिए उनके विश्वविद्यालयों में पेटेंट, बौद्घिक सम्पदा एवं कॉपीराइट के बारे में जानकारी मिल सके। इसके लिए विशेषज्ञों को विश्वविद्यालय में भेजा जाएगा और आने वाले समय में चुनौतियां बहुत है जिसे आपस में जुड़कर ही हल किया जा सकता है।

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