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शिक्षा जगत

उच्च शिक्षा के लिए भारतीय छात्रों की पसंद बन रहा है अमेरिका

Sunday, December 01, 2019 13:30 PM
फाइल फोटो

जयपुर। उच्च शिक्षा पर नवीनतम ओपन डोर्स रिपोर्ट 2019 से मालूम होता है कि इस समय लगभग दो लाख भारतीय अमेरिका में उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। यह छह साल पहले की तुलना में तकरीबन दोगुना है। साल 2013-14 में अमेरिका में 102,673 भारतीय छात्र थे, हाल के सालों में जिनकी संख्या में निरंतर इजाफा हुआ है। जिस कारण अब 2018-19 में यह तादाद बढ़कर 202,014 हो गई है। इस रिपोर्ट से एक अन्य खास बात यह मालूम होती है कि अब ज्यादातर छात्र स्कूल के बाद सीधे अमेरिका का रुख कर रहे हैं। इसके साथ ही इस रिपोर्ट से यह भी पता चलता है कि भारतीय छात्रों की दिलचस्पी अमेरिकी विश्वविद्यालय शिक्षा में कम और गैर-डिग्री या वोकेशनल पाठ्यक्रमों में अधिक हो रही है।

अधिकतम प्रवेश वृद्धि
देखने में आया है कि छात्रों की अधिकतम प्रवेश वृद्धि (18.8 प्रतिशत) वोकेशनल पाठ्यक्रमों में हुई है। अन्य श्रेणियों में 12.3 प्रतिशत वृद्धि आॅप्शनल प्रैक्टिकल ट्रेनिंग (ओपीटी) और प्रैक्टिकल वर्क एक्सपीरियंस (डिग्री पाठ्यक्रम के बाद 36 माह तक की ट्रेनिंग) में हुई है। लेकिन यह वृद्धि तुलनात्मक दृष्टि से काफी कम है। अमेरिका में इस समय 24,813 भारतीय छात्र अंडरग्रेजुएट स्तर पर हैं, 90,333 ग्रेजुएट प्रोग्राम में, 84,630 ओपीटी में और 2238 नॉन-डिग्री पाठ्यक्रमों में। बिजनेस मैनेजमेंट में भारतीयों की दिलचस्पी कम हुई है। लेकिन गणित व सांख्यिकी में बढ़ी है; क्योंकि इनसे डाटा एनालिसिस व आर्टिफीशियल इंटेलिजेंस में जॉब्स मिल जाते हैं।

भारतीयों के लिए छात्र वीजा
अमेरिका स्टेट डिपार्टमेंट के अनुसार भारतीयों के लिए छात्र वीजा में 2015 (74,831) और 2018 (42,694) के बीच 40 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आयी। इस अवधि के दौरान ग्लोबल स्तर पर भी अमेरिकी छात्र वीजा में लगभग 40 प्रतिशत की ही कमी आयी। रिपोर्ट से मालूम होता है कि पिछले साल की तुलना में अमेरिका में अंतर्राष्ट्रीय छात्रों की संख्या (10.9 लाख) में 0.05 प्रतिशत की वृद्धि हुई है,जोकि अमेरिका की कुल उच्च शिक्षा जनसंख्या का 5.5 प्रतिशत है। अमेरिका में ओवरसीज छात्रों की जो कुल संख्या है उसका 52 प्रतिशत भारत व चीन के छात्रों से बना है, जिसमें चीन 3,69,548 छात्रों के साथ टॉप पर है। अंतर्राष्ट्रीय छात्रों से फीस के रूप में अमेरिका को 44.7 बिलियन डॉलर का राजस्व  प्राप्त होता है। इसमें अकेले चीन का योगदान 14.9 बिलियन डॉलर और भारत का 8.1 बिलियन डॉलर है।

शिक्षा की गुणवत्ता अद्वितीय
अमेरिका में भारतीय छात्रों की संख्या में वृद्धि से यह तथ्य सामने आ जाता है कि अमेरिका में शिक्षा की गुणवत्ता अद्वितीय है। छात्रों का लेटेस्ट टेक्नोलॉजी और संसार के कुछ बेहतरीन दिमागों तक एक्सेस हो जाता है। अमेरिका की शिक्षा इन-डेप्थ रिसर्च, विभिन्न विषयों में काम करना,टीम में ढलना व काम करना, आलोचनात्मक सोचना, समस्याओं की समीक्षा, विभिन्न संस्कृतियों के बीच स्पष्टता से कम्युनिकेट करना आदि सिखाती है। यह स्किल आधुनिक कार्यबल में काम करने के लिए आवश्यक हैं। शायद इसीलिये अमेरिका में उच्च शिक्षा प्राप्त करना अब पहले से कहीं अधिक जरूरी सा हो गया है।

जबरदस्त अकादमिक विकल्प
अमेरिका में शिक्षा के अविश्वसनीय विकल्प उपलब्ध हैं। यहां उच्च शिक्षा की 4500 से अधिक मान्यताप्राप्त संस्थाएं हैं। इनमें जबरदस्त अकादमिक विकल्प हैं और लर्निंग वातावरण भी। शोध के कुछ बड़े विश्वविद्यालय अध्ययन के विशेष क्षेत्रों पर फोकस करते हैं। जबकि अन्य संस्थाएं जैसे लिबरल आर्ट्स यूनिवर्सिटीज छात्रों को बहुत सारे विषयों की शिक्षा प्रदान कराती हैं। सही योजना व शोध से अमेरिका में उच्च शिक्षा प्राप्त करना अफोर्डेबल हो सकता है और निवेश पर हाई रिटर्न भी मिल सकते हैं। अमेरिका के हर राज्य में रहने व पढ़ने का खर्च अलग अलग है।

छात्र वीजा मिलना आसान
हर साल अंतर्राष्ट्रीय छात्रों को अपने अध्ययन के लिए अच्छा खासा आर्थिक सहयोग भी मिलता है। छात्र वीजा मिलना काफी आसान हो सकता है अगर वीजा अधिकारी को यह समझा दिया जाये कि एक खास कार्यक्रम का अध्ययन करने की इच्छा क्यों है ? छात्र को यह समझाना होगा कि वह अपने विशेष अकादमिक लक्ष्य के प्रति गंभीर है,वह शिक्षा का खर्च उठाने में सक्षम है और वह अपने गृह देश से सम्पर्क बनाये रखेगा। ग्रेजुएशन के बाद अमेरिका में कार्य करने के भी अवसर हैं। छात्र ग्रेजुएशन के बाद एक वर्ष तक अपने अध्ययन क्षेत्र में प्रैक्टिकल ट्रेनिंग हासिल कर सकता है और अगर छात्र का प्रोग्राम स्टेम (साइंस टेक्नोलॉजी इंजीनियरिंग व गणित) है तो तीन वर्ष तक यह छूट है। हालांकि स्कूल का चयन करना कठिन है,लेकिन हमारी राय है कि आप इस संदर्भ में सिर्फ एजुकेशन यूएसए से ही सुझाव लें, जो अमेरिका सरकार द्वारा प्रायोजित अधिकारिक सुझाव संस्था है। इसके लिए आप एजुकेशनयूएसए इंडिया मोबाइल एप्प भी डाउनलोड कर सकते हैं जिससे सारी जानकारी आॅनलाइन मिल जायेगी।

 

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