Dainik Navajyoti Logo
Saturday 6th of March 2021
 
बिज़नेस

RBI का नीतिगत दरें यथावत रखने का फैसला, ब्याज दरों में तत्काल कमी की उम्मीद खत्म

Thursday, February 06, 2020 13:40 PM
रिजर्व बैंक।

नई दिल्ली। रिर्जव बैंक की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) ने महंगाई बढ़ने की आशंका जताते हुए गुरूवार को नीतिगत दरों को यथावत बनाए रखने का निर्णय लिया, जिससे घर, कार और व्यक्तिगत ऋण पर ब्याज दरों में तत्काल कमी आने की उम्मीद समाप्त होने से लोगों को निराशा हाथ लगी है। समिति की चालू वित्त वर्ष की ऋण एवं मौद्रिक नीति की छठी द्विमासिक समीक्षा की तीन दिवसीय बैठक के बाद जारी निर्णय के अनुसार नीतिगत दरों को यथावत रखा गया है, जबकि चालू वित्त वर्ष की चाथी तिमाही में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक पर आधारित खुदरा महंगाई के बढ़कर 6.5 प्रतिशत पर पहुंचने का अनुमान है। इसके साथ समिति ने अगले वित्त वर्ष के पहले के विकास अनुमान 5.9 प्रतिशत से 6.3 प्रतिशत को कम कर 6.0 प्रतिशत कर दिया है और कहा है कि अगले वित्त वर्ष की पहली छमाही में यह 5.5 प्रतिशत से 6.0 प्रतिशत के बीच रह सकता है। समिति ने चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में 6.2 प्रतिशत विकास दर रहने की संभावना जताई है।

रिजर्व बैंक ने लगातार पांच बार में रेपो दर में 1.35 प्रतिशत की कटौती की थी। पांचवी और छठी बैठक में इसमें कोई कमी नहीं की गई है और दरों को यथावत रखा गया है। समिति ने सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया है। समिति ने रेपो दर को 5.15 प्रतिशत, रिवर्स रेपो दर को 4.90 प्रतिशत, मार्जिनल स्टैंडिंग फैसेलिटी दर (एमएसएफआर) 5.40 प्रतिशत, बैंक दर 5.40 प्रतिशत, नकद आरक्षित अनुपात (सीआरआर) को 4.0 प्रतिशत और वैधानिक तरलता अनुपात (एसएलआर) को 18.50 प्रतिशत पर यथावत बनाए रखने का निर्णय लिया है। रेपो दर वह दर है जिस पर रिजर्व बैंक वाणिज्यिक बैंकों को ऋण देता है।

वर्ष 2020-21 के आम बजट पेश किये जाने के बाद समिति इस पहली बैठक में नीतिगत दरों में कम से कम एक चौथाई प्रतिशत की उम्मीद की जा रही थी, लेकिन समिति ने चालू वित्त वर्ष की अंतिम तिमाही में खुदरा महंगाई के बढ़कर 6.5 प्रतिशत पर पहुंचने की आशंका जताते हुए ब्याज दरों में कमी नहीं करने का निर्णय लिया। उसने कहा कि अगले वित्त वर्ष में यदि दक्षिण पश्चिम मानसून समान्य रहता है तो वर्ष 2020-21 की पहली छमाही में यह 5.4प्रतिशत से 5.0 प्रतिशत के बीच रह सकती है जबकि तीसरी तिमाही में यह गिरकर 3.2 प्रतिशत पर आ सकती है। 

बैठक के बाद जारी बयान में कहा गया है कि दिसंबर 2019 में हुयी पांचवी द्विमासिक बैठक में खुदरा महंगाई के चालू वित्त वर्ष की दूसरी छमाही में 5.1 प्रतिशत से 4.7 प्रतिशत के बीच और अगले वित्त वर्ष की पहली छमाही के इसके 4.0 प्रतिशत से 3.8 प्रतिशत तक रहने का अनुमान जताया गया था। हालांकि चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में खुदरा महंगाई के 5.8 प्रतिशत पर रहने का अनुमान लगाया था लेकिन अक्टूबर नवंबर 2019 में प्याज की कीमतों में आई तेजी के कारण इसमें 70 आधार अंक की बढ़ोतरी होने का अनुमान है और चौथी तिमाही में इसके 6.5 प्रतिशत पर रहने की संभावना है, क्योंकि प्याज की कीमतों के साथ ही बेमौसम बरसात से सीजनल सब्जियां प्रभावित हुई है और इसकी कीमतों में भी तेजी आई है। इसके अतिरिक्त लागत बढ़ने के कारण दूध की कीमतों में हुई बढ़ोतरी के साथ ही गैर सब्जी खाद्य उत्पादों के दाम भी बढ़े हैं। इसका भी असर खुदरा महंगाई पर पड़ने की उम्मीद है। समिति ने इसके मद्देनजर अब अगले वित्त वर्ष की पहली छमाही में महंगाई के बढ़कर 5.4 प्रतिशत से 5.0 प्रतिशत तक रहने तथा तीसरी तिमाही में इसके घटकर 3.2 प्रतिशत पर आने का अनुमान जताया है।

केन्द्रीय बैंक ने कहा कि दिसंबर 2019 में चालू वित्त वर्ष के लिए 5.0 प्रतिशत का विकान अनुमान लगाया गया था और दूसरी छमाही में इसके 4.9 से 5.5 प्रतिशत के बीच रहने तथा अगले वित्त वर्ष की पहली छमाही में इसके 5.9 प्रतिशत से 6.3 प्रतिशत के बीच रहने की बात कही गई थी। हालांकि समिति ने अब वर्तमान वैश्विक हालात और घरेलू स्तर पर निजी उपभोग बढ़ने विशेष ग्रामीण क्षेत्रों में रबी सीजन के सही रहने से मांग में तेजी आने का अनुमान जताते हुए कहा है कि अगले वित्त वर्ष में विकास दर 6.0 प्रतिशत रहने की उम्मीद है। वर्ष 2020-21 की पहली छमाही में यह 5.5 प्रतिशत से 6.0 प्रतिशत के बीच रह सकता है जबकि चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में यह 6.2 प्रतिशत पर जा सकता है।

समिति ने कहा कि आम बजट में व्यक्तिगत आयकर दरों को तर्कसंगत बनाए जाने से घरेलू स्तर पर मांग बढ़ाने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही बजट में ग्रामीण और इंफ्रास्ट्रक्चर पर व्यय में बढ़ोतरी की गई है और उससे भी मांग बढ़ाने में सहायता मिलेगी। समिति ने एकोमोडेटिव रुख बनाए रखने का भी निर्णय लिया है जिससे आगे ब्याज दरों में कमी किए जाने की उम्मीद बनी हुई है। समिति की अगली तीन दिवसीय द्विमासिक समीक्षा बैठक 31 मार्च, एक और तीन अप्रैल को होगी।

यह भी पढ़ें:

वाहन उद्योग में सुस्ती जारी, जनवरी में 14 फीसदी घटी बिक्री

घरेलू वाहन उद्योग में गिरावट का रुख साल के पहले महीने में भी जारी रहा और सभी श्रेणी के वाहनों की कुल बिक्री 13.83 प्रतिशत घटकर 17,39,975 इकाई रह गई। यात्री वाहनों की बिक्री भी 6.20 प्रतिशत की गिरावट के साथ 2,62,714 इकाई रही।

10/02/2020

एनएचपीसी को किया सीबीआईपी अवार्ड से सम्मानित

एनएचपीसी के सीएमडी रतीश कुमार के साथ एनएचपीसी के निदेशक (वित्त) एमके मित्तल, जनार्दन चौधरी निदेशक (तकनीकी) एनएचपीसी जलविद्युत के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली यूटिलिटी के लिए सीबीआईपी अवार्ड को रतन लाल कटारिया राज्य मंत्री जल शक्ति मंत्रालय, भारत सरकार से ग्रहण किया।

20/02/2020

शेयर बाजार में जबरदस्त उछाल जारी, 1200 अंकों से अधिक की बढ़ोतरी

केन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 20 सितंबर को कॉरपोरेट टैक्सों में कटौती का ऐलान करने के दिन से ही शेयर बाजार में जबरदस्त बढ़ोतरी जारी है।

23/09/2019

चौतरफा लिवाली से सेंसेक्स में 307 अंक का उछाल सेंसेक्स, निफ्टी में 113 अंक की बढ़त

विदेशों से मिले सकारात्मक संकेतों के बीच मजबूत निवेश धारणा के दम पर घरेलू शेयर बाजारों में शुक्रवार को तेजी लौट आई और बीएसई का सेंसेक्स तथा नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी करीब 1 फीसदी चढ़कर 12 सप्ताह से अधिक के उच्चतम स्तर पर पहुंच गए।

05/06/2020

निसान किक्स का नया डीजल संस्करण

निसान ने भारत में अपनी इंटेलिजेंट एसयूवी के सभी नए किक्स एक्सई डीजल संस्करण लांच करने की घोषणा की। निसान किक्स के नए एक्सई डीजल संस्करण को पूरे भारत में रु 9.89 लाख की आकर्षक कीमत पर पेश किया है।

08/08/2019

मारुति छोटी कारों का लाएगी सीएनजी संस्करण

देश की यात्री कार बनाने वाली अग्रणी कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड पेट्रोल-डीजल से चलने वाली अपनी सभी छोटी कारों के बदले पर्यावरण के अनुकूल और स्वच्छ ईंधन वाले सीएनजी संस्करण लाएगी।

04/09/2019

सरकार को 1.76 लाख करोड़ रुपए देगा आरबीआई

अर्थव्यवस्था में सुस्ती की खबरों के बीच सरकार के लिए बड़ी राहत की खबर है। भारतीय रिजर्व बैंक ने अपने सरप्लस फंड में से सरकार को 1.76 लाख करोड़ रुपए देने का फैसला किया है।

27/08/2019