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Sunday 28th of November 2021
 
ब्लॉगर मंच

ये समय गांव, गरीब और गांधी का है

हमें इस बात को सबसे पहले समझना होगा कि अब दुनिया चारों तरफ से बदल रही है।

वेदव्यास

मीथेन उत्सर्जन को कम करना होगा

यदि सड़ते समय आसपास आक्सीजन उपलब्ध नहीं हुई तो यही कार्बन और हाईड्रोजन आपस में मिलकर मीथेन गैस (सीएच4) बनकर उत्सर्जित होती है।

भरत झुनझुनवाला

मेरी मायड़ भाषा को भी मिले पूरा मान-सम्मान

आदिम समुदाय गरासियों के जीवन पर आधारित ‘भाकर रा भोमिया’ जैसी चर्चित किताब के लेखक डॉ. अर्जुन सिंह शेखावत ने पद्मश्री पुरस्कार समारोह के दिन बड़ी विनम्रता से यह बात प्रधानमंत्री से कही।

डॉ. अर्जुन सिंह शेखावत

पेट्रोल वाहनों पर कार्बन टैक्स लगाइए

ग्लासगो में चल रहे COP26 पर्यावरण सम्मेलन में भारतीय वाहन निर्माताओं ने कहा है कि 2030 तक भारत में 70 प्रतिशत दोपहिया, 30 प्रतिशत कार और 15 प्रतिशत ट्रकें बिजली से चलने वाली होंगी।

भरत झुनझुनवाला

पृथ्वी पर बढ़ता जलवायु संकट

आपको याद होगा 1990 से दुनिया में आए आर्थिक बदलाव से हमारे समय का इतिहास खुली बाजार की अर्थव्यवस्था के हाथों में चला गया है।

वेदव्यास

विश्व फलक पर तेजी से उभरती भारत की छवि

भारत की बात न केवल सुनी और समझी जाती है बल्कि उसे अमल में भी लाया जाने लगा है।

mahesh chandra

शराबबंदी के साथ जन जागरण बेहद जरूरी

बीते बारह दिनों में बिहार में जहरीली शराब से हुई मौतों का आंकड़ा लगातार बढ़ता ही जा रहा है।

ज्ञानेंद्र रावत

जलतरंग : दिल जलता है तो...

पेट्रोल में रोज दामों का तड़का लग रहा है, साथ में डीजल उसका साथ देता है। रही बात मिट्टी के तेल की तो वह तो बहुत पहले ही लोगों ने लेना बंद कर दिया है। अब कुछ लोग गैस सिलेंडर को लेकर भी यही गीत गा रहे हैं।

Manoj VArshney

सोशल कर्फ्यू और पधारो म्हारे देश

यह सोशल कर्फ्यू इस बार सरकार की ओर से नहीं बल्कि आम जनता द्वारा आम जनता के लिए है।

मनोज वार्ष्णेय

भारत को गांधी की जरूरत

आने वाली नस्लें शायद मुश्किल से ही विश्वास करेंगी कि हाड़-मांस से बना हुआ कोई ऐसा व्यक्ति भी धरती पर चलता-फिरता था।

keshav sharma

गांधीदर्शन सभी के लिए एक अवलोकन

हम सभी हिन्द के लोगों के लिए यह खुशी का मौका है कि महात्मा गांधी की 150 वीं जयंती मना रहे हैं।

dharamveer chandel

मौसम की चंचलता की दुश्वारियां

कभी आपने महसूस किया है कि आप शीतनिद्रा में जा सकते हैं और एक अदद खिले फूल या सूरज की किरण देख लेने के बाद ही सक्रिय जिन्दगी में आपकी वापसी सम्भव है।

Rashi chaudhary

बहुत कुछ सिखाया गुजरे साल के तजुर्बों ने

यह कहना सच नहीं होगा कि गुजरा हुआ साल आसान था। फ्रेशमैन 15 होने से लेकर ग्रेड में सुधार लाने के लिए परीक्षा के समय देर रात तक पढ़ने, और फिर उनींदी रातें एवं अवांछित रूप से तीव्र प्रतिक्रियाएं इस साल की फितरत रहीं।

Rashi chaudhary

बाल विवाह और दहेज जैसी कुप्रथाओं का करें बहिष्कार

भारतीय समाज में बाल विवाह व दहेज जैसी प्रथा प्रचीन समय से चली आ रही एक कुप्रथा है, लेकिन समाज में कुछ लोग इसे प्रथा के रूप में मानते है।

Ankit bankawat

धनबल और बाहुबल को दिखाएं ठेंगा, निडर होकर डालें वोट

लोकसभा चुनाव के ऐलान के बाद से ही राजनीतिक दलों में चुनाव को लेकर सरगर्मीयां तेज हो गई है।

jahid hussian