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Thursday 22nd of August 2019
नागौर

नागौर में जन्मा प्लास्टिक परत वाला बच्चा

Friday, May 17, 2019 23:50 PM
जेएलएन अस्पताल में शुक्रवार को जन्मा कोलोडियन नामक बीमारी से ग्रस्त बच्चा।

नागौर। शहर के राजकीय जवाहरलाल नेहरू चिकित्सालय के मदर एण्ड चाइल्ड विंग में शुक्रवार को एक विचित्र बच्चे का जन्म हुआ। प्लास्टिक सरीखी पर्त में हुए बच्चे को देखकर चिकित्सक भी हैरान रह गए। इस बेबी के जन्म को विश्व की दुर्लभतम बीमारियों में से एक कोलोडियन होना बताया जा रहा है। बच्चे की हाथ और पैरों की उंगलियां परस्पर जुड़े होने के साथ ही पूरे शरीर पर प्लास्टिक सरीखी स्किन की पर्त चढ़ी हुई है।

 
 
चिकित्सा विशेषज्ञों का कहना है कि यह बीमारी छह लाख बच्चों में से एक को होती हैं। इसमें टरमीटोसिस होता है। इसमें सांस लेने में तकलीफ होती है। इसमें धीरे-धीरे इस तरह की समस्याएं और बढ़ती हैं। बच्चा फिलहाल चिकित्सकों की निगरानी में है। इधर बच्चे की इस हालत से परिवार सदमे में है। इसके पूर्व तीन बच्चे हुए थे, लेकिन उनकी मृत्यु हो चुकी है। चौथा जरूर जीवित है, अब यह पांचवां बच्चा पैदा हुआ तो यह दुर्लभतम जटिल बीमारी से ग्रसित पाया गया। इसके पूर्व अलवर में भी एक ऐसा ही ब चा पैदा हुआ था। यह कोलोडियन बीमारी वर्ष 2014 व 2017 में अमृतसर में दो कोलोडियन बच्चों का जन्म हुआ था। दुर्भाग्यवश दोनों की चंद दिनों बाद ही मौत हो गई थी। चिकित्सा जगत में हुई शोध के अनुसार कोलोडियन बेबी का जन्म जेनेटिक डिसऑर्डर की वजह से होता है। ऐसे बच्चों की त्वचा में संक्रमण होता है। कई मामलों में ऐसे ब चे दस दिन के भीतर प्लास्टिक रूपी आवरण छोड़ देते हैं। इससे ग्रसित 10 प्रतिशत बच्चे पूरी तरह से ठीक हो पाते हैं। उनकी चमड़ी सख्त हो जाती है और इसी तरह जीवन जीना पड़ता है।