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Sunday 25th of August 2019
बिज़नेस

2030 तक 30 करोड़ टन इस्पात उत्पादन का लक्ष्य: धर्मेंद्र

Monday, August 12, 2019 13:05 PM
पीओएल टर्मिनल बोकारो का शिलान्यास करते हुए केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान।

बोकारो। केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि देश में वर्ष 2030 तक 30 करोड़ टन इस्पात उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है। प्रधान ने राधानगर गांव में 250 करोड़ रुपये की लागत से तेल डिपो तथा सौ करोड़ रुपये के निवेश से रसोई गैस (एलपीजी) बॉटलिंग संयंत्र का शिलान्यास करने के बाद कहा कि केंद्र सरकार का लक्ष्य है कि वर्ष 2030 तक 30 करोड़ टन इस्पात का उत्पादन पूरे देश में होगा, जिसका बहुत बड़ा हिस्सा झारखंड राज्य से आएगा। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि आने वाले वर्षों में कुल 10000 करोड रुपये पेट्रोलियम एवं औद्योगिक क्षेत्र में निवेश की जा रही विभिन्न परियोजनाओं और कारखानों में खर्च किए जाएंगे। राधानगर में लगाए जा रहे एलपीजी बॉटलिंग संयंत्र से रोजाना ढाई सौ ट्रक बोकारो से निकलेंगे और राज्य के विभिन्न शहरों में गैस की आपूर्ति करेंगे। इसकी वजह से भी बहुत से लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेगा।  प्रधान ने कहा कि झारखंड में पेट्रोल की मांग बढ़ी है। यह इस बात को दर्शाता है कि लोग साइकिल से मोटरसाइकिल की और बढ़ रहे हैं। यह झारखंड के आर्थिक-सामाजिक विकास का बहुत बड़ा सूचक है।

एक हजार लोगों को मिलेगा रोजगार: रघुवर
इस मौके पर झारखंड के मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि बोकारो में 350 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित तेल डिपो और एलपीजी बॉटलिंग संयंत्र परियोजनाओं से बोकारो जिले में लगभग 1000 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार और कई हजार लोगों को अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेगा। किसी भी क्षेत्र का विकास वहां पेट्रोल और डीजल की खपत में हुई बढ़ोतरी से मापा जा सकता है।  दास ने बताया कि देश के बड़े शहरों में सात से आठ प्रतिशत की दर से पेट्रोल और डीजल की खपत बढ़ रही है। वहीं झारखंड के बड़े शहरों में 15 प्रतिशत की दर से पेट्रोल- डीजल की मांग में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष कृष्ण जन्माष्टमी के दिन झारखंड के सभी पांच प्रमंडलों में विशेष कार्यक्रम आयोजित कर उज्ज्वला योजना की लाभुक सभी 43 लाख महिलाओं को राज्य सरकार की ओर से दूसरा भरा हुआ सिलेंडर मुफ्त दिया जाएगा।