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बिज़नेस

लोटस डेयरी का सार्वजनिक स्वास्थ्य पर ध्यान केंद्रित करने का प्रयास

Wednesday, May 15, 2019 11:10 AM

जयपुर। फोर्टिफिकेशन जहां एक तरफ भोजन में महत्वपूर्ण तत्वों को जोड? में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है, वहीं अभी कई उत्पाद ऐसे हैं जो सूक्ष्म पोषक तत्वों से रहित हैं। दूध में फोर्टिफिकेशन की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए, लोटस डेयरी ने आईआईएचएमआर यूनिवर्सिटी के साथ मिल कर मिल्क फोर्टिफिकेशन पर प्रशिक्षण सत्र का आयोजन किया।
सत्र के दौरान, परियोजना प्रमुखों ने दूध में फोर्टिफिकेशन के लाभों के साथ-साथ यह भी बताया कि इससे उपभोक्ताओं को कैसे लाभान्वित किया जा सकता है। इस दौरान फोर्टिफाइड मिल्क के लिए वैधानिक अनुपालन की जानकारी भी दी गई।

लोटस डेयरी के निदेशक अनुज मोदी के अनुसार, कुपोषण की समस्या दुनिया भर में मौजूद है और दुनियाभर में दो बिलियन लोग इससे प्रभावित है। लोटस डेयरी ने अपने मौजूदा डेयरी उत्पादों में सूक्ष्म पोषक पूरकता को जोड़ने का प्रयास किया है। वर्तमान में राजस्थान में 60.3 फीसदी बच्चे, 46.8 फीसदी महिलाएं और 17.2 फीसदी पुरुष एनीमिक हैं। लोटस डेयरी राजस्थान की एक ऐसी डेयरी है, जो सरकारी क्षेत्र के डेयरी संयंत्रों के लिए एक विकल्प विकसित करने की एक दृष्टि के साथ काम करती है, जहां दूध की प्रसंस्करण प्रक्रिया स्वचालन से नियंत्रित की जाती है।

अत्याधुनिक उत्पाद में उच्च उत्पाद गुणवत्ता / विश्वसनीयता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी कार्यों को एकीकृत रूप से पूरी तरह से स्वचालित प्रक्रिया से संपन्न किया जाता है।