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Monday 14th of October 2019
राजस्थान

एसीबी की बड़ी कार्रवाई: तहसीलदार, एएओ, सहायक अभियंता और एसडीएम का रीडर घूस लेते दबोचे

Monday, September 23, 2019 02:10 AM
जगदीश वर्मा, किशन चंद, शंकर सिंह और छोगा राम

जयपुर/जोधपुर । प्रदेश में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) लगातार घूसखोरों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है फिर भी घूसखोर रिश्वत लेने से बाज नहीं आ रहे हैं। एसीबी ने सोमवार को दिनभर में तीन बड़ी कार्रवाई की, जिसमें तहसीलदार 50 हजार रुपए, एएओ 1.1 लाख रुपए, सहायक अभियंता एक लाख रुपए और एसडीएम के रीडर को 10 हजार रुपए घूस लेते गिरफ्तार किया है। देर रात एसीबी की टीम सभी घूसखोरों के यहां सर्च करती रही।

पहला मामला : जयपुर निवासी सहायक अभियन्ता वर्मा को एक लाख रुपए की रिश्वत लेते पकड़ा
एसीबी जयपुर की टीम ने सोमवार को जालौर जिले में नर्मदा नहर परियोजना के एक सहायक अभियंता जगदीश प्रसाद वर्मा को एक लाख रुपए की घूस लेते सांचौर में गिरफ्तार किया है। उसने यह राशि एक ठेकेदार का बिल पास करने की एवज में ली थी। आईजी दिनेश एमएन ने बताया कि परिवादी बारां जिला निवासी ब्रजवल्लभ शर्मा ने शिकायत दी कि वह नर्मदा नहर परियोजना में ठेकेदारी का काम करता है। उसके वर्क ऑर्डर का बिल अटका हुआ है।

उसे पास करने की एवज में सहायक अभियन्ता एक लाख रुपए मांग रहा है। शिकायत के सत्यापन के बाद एसीबी ने सोमवार को ठेकेदार को एक लाख रुपए देकर वर्मा के पास भेजा। जालोर जिले के सांचौर में स्थित नर्मदा नहर परियोजना के सहायक अभियन्ता कार्यालय में परिवादी के जगदीश प्रसाद वर्मा को एक लाख रुपए थमाते ही एसीबी की टीम ने उसे दबोच कर रिश्वत की राशि बरामद कर ली। अब जयपुर निवासी जगदीश प्रसाद वर्मा के यहां सर्च जारी है।

दूसरा मामला : तहसीलदार और एजी ऑफिस गठजोड़ का खुलासा
एसीबी जयपुर देहात एवं भीलवाड़ा टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए एजी ऑफिस और तहसीलदार के गठजोड़ का खुलासा किया है। एसीबी ने जयपुर में कार्यरत सहायक लेखा अधिकारी किशनचंद को 1.1 लाख रुपए एवं तहसील बनेठा भीलवाड़ा में पदस्थापित तहसीलदार शंकर सिंह राठौड़ 50 हजार रुपए की घूस लेते गिरफ्तार किया। तहसील बनेठा की पंजीयन लिपिक लक्ष्मीनारायण जो फरार हो गया को 10 हजार रुपए की घूस की राशि की मांग करने का आरोपी माना।

एसीबी आईडी दिनेश एमएन ने बताया कि जयपुर निवासी परिवादी ने एसीबी में यह शिकायत दी कि भीलवाड़ा में उसके जमीन की 11 लाख रुपए स्टाम्प ड्यूटी बकाया निकाल दिया गया जिसको क्लियर कराने की एवज में एजी कार्यालय जयपुर में कार्यरत सहायक लेखा अधिकारी (ऑडिट सेल) किशनचंद उक्त बकाया राशि का 10 प्रतिशत रिश्वत के रूप में मांग कर रहा है। तहसीलदार बनेठा शंकर सिंह राठौड़ भी 50 हजार रुपए की घूस की राशि की मांग कर रहा है एवं उनके कार्यालय में कार्यरत पंजीयन लिपिक लक्ष्मीनारायण भी बकाया राशि सेटल करने की एवज में 10 हजार रुपए की घूस की राशि की मांग कर रहा है।

एसीबी के एएसपी नरोत्तम वर्मा ने बताया कि एजी ऑफिस में कार्यरत किशनचंद को 1.1 लाख रुपए की घूस लेते गिरफ्तार एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक भीलवाड़ा ब्रजराज ने इसी मामले में बनेठा तहसीलदार शंकर सिंह को 50 हजार रुपए की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया एवं पंजीयन लिपिक लक्ष्मी नारायण जो फरार हो गया। एसीबी उसकी तलाश कर रही। साथ ही एसीबी द्वारा जयपुर एवं भीलवाड़ा में आरोपियों के निवास स्थान पर सर्च कार्रवाई भी की जा रही है।

तीसरा मामला : बावड़ी एसडीएम का रीडर घूस लेते गिरफ्तार
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) जोधपुर की स्पेशल टीम ने सोमवार को जिले के बावड़ी उपखंड अधिकारी के रीडर छोगाराम विश्नोई को दस हजार रुपए की रिश्वत लेते गिरफ्तार कर लिया। उसने यह राशि उपखंड अधिकारी से पत्थरगढ़ी का स्टे हटवाने की एवज में ली थी। इस मामले में रीडर पच्चीस हजार रुपए पहले से ले चुका था। एसीबी इस मामले में उपखंड अधिकारी के शामिल होने की जांच कर रही है।

एसीबी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दुर्गसिंह राजपुरोहित ने बताया कि धनारी कलां निवासी केसाराम ने एक परिवाद पेश कर बताया कि गांव में उसके मां के नाम से स्थित जमीन पर पत्थरगढ़ी पर जारी स्टे को हटवाने के लिए बावड़ी उपखंड अधिकारी का वरिष्ठ सहायक/रीडर छोगाराम विश्नोई ने पचास हजार रुपए की मांग कर रखी है। इसमें छोगाराम ने केसाराम से पचीस हजार रुपए ले लिए है। एसीबी ने शिकायत का सत्यापन करवाया तो वह सही निकली।

छोगाराम ने दस हजार रुपए लेकर केसाराम को अपने कार्यालय बुलाया। छोगाराम ने उससे कहा कि शेष राशि काम हो जाने पर दे देना। केसाराम के उपखंड कार्यालय पहुंच छोगाराम को दस हजार रुपए थमाते ही वहां पहले से तैयार एसीबी की टीम ने उसे मय रिश्वत की राशि दबोच लिया। छोगाराम ने रिश्वत की राशि उपखंड अधिकारी से काम करवाने की एवज में ली थी। ऐसे में एसीबी अब उपखंड अधिकारी के इस मामले में शामिल होने की जांच कर रही है।