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Saturday 20th of July 2019
राजस्थान

राजस्थान यूनिवर्सिटी की टीचर्स को धमकी देने वाला निकला प्रोफेसर का बेटा

Thursday, July 11, 2019 10:40 AM

जयपुर। पिछले कुछ दिनों से राजस्थान विश्वविद्यालय और संघटक कॉलेजों की करीब 100 से ज्यादा शिक्षिकाएं मनचले के खौफ के साए में जी रही हैं। ये मनचले वक्त वे वक्त महिला शिक्षिकाओं को परेशान कर रहे हैं। तीन जुलाई से प्रताड़ना का दौर जारी है। शिक्षिकाओं ने विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. आरके कोठारी को इसकी शिकायत की, पुलिस थाने में रिपोर्ट दी और कमिश्नर को गुहार लगाई।

यह मनचला (हिसार) हरियाणा के प्रोफेसर का बेटा है। प्रोफेसर के इस बेटे ने ही राजस्थान यूनिवर्सिटी की महिला टीचर्स को फोन पर धमकी थी। यह 12वीं क्लास में पढ़ता है। टीम हरियाणा से उसे लेकर जयपुर के लिए रवाना हो गई है।

अश्लीलता की सीमाएं पार

अधिकतर शिक्षिकाओं को एक मनचला फोन करके परेशान कर रहा है तो कई शिक्षिकाओं से इस मनचले ने अश्लीलता की सभी सीमाओं को पार कर दिया है। इन शिक्षिकाओं ने शिकायत की तो आरयू प्रशासन चेता और सभी शिक्षिकाओं की जानकारी यूनिवर्सिटी की वेबसाइट से हटा दी।

डर के मारे किसी को नहीं बता रही
महारानी कॉलेज की अधिकतर शिक्षिकाएं डर के चलते शिकायत नहीं कर रही हैं। कॉलेज की प्रिंसीपल प्रो. अल्पना कटेजा ने कुछ शिक्षिकाओं से बात कर शिकायत करने के लिए मनाया। उन्होंने कहा कि पिछले कई दिनों से फोन आ रहे हैं, लेकिन शिक्षिकाएं डर के मारे किसी को बता नहीं पा रही थी, लेकिन अब 10 शिक्षिकाओं ने लिखित में शिकायत दी है। हालांकि अभी भी अधिकतर शिक्षिकाएं शिकायत करने से डर रही हैं।

विवि में प्रदर्शन
महिला शिक्षिकाओं को परेशान करने वाले मनचले की जल्द गिरफ्तारी की मांग को लेकर बुधवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने भी यूनिवर्सिटी में विरोध-प्रदर्शन किया। एबीवीपी के प्रदेश मंत्री होश्यार मीणा ने कहा कि अगर यूनिवर्सिटी की शिक्षिकाओं की ही सुरक्षा नहीं होगी तो छात्राएं कैसे सुरक्षित रहेंगी।

टीम खंगाल रही रिकॉर्ड
यूनिवर्सिटी में महिला प्रोफेसर को धमकी देने के मामले में कमिश्नर आनंद श्रीवास्तव ने एक टीम का गठन किया है। टीम में एक महिला एडिशनल एसपी और तीन एसएचओ को शामिल किया है।

इस मामले की मॉनिटरिंग अतिरिक्त पुलिस आयुक्त प्रथम को सौंपी है। इस टीम ने शातिर अपराधियों का रिकॉर्ड खंगालना शुरू कर दिया है। इसमें तकनीकी टीमों का भी सहारा लिया जा रहा है। टीम ने पीड़िताओं के बयान दर्ज करना शुरू किया है।