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Saturday 15th of June 2019
राजस्थान

नतीजों को लेकर जोधपुर सीट पर सबकी नजरें

Wednesday, May 22, 2019 10:50 AM
वैभव गहलोत (फाइल फोटो)

जयपुर। जोधपुर लोकसभा सीट मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के पुत्र वैभव गहलोत के चुनाव मैदान में होने से सबसे ज्यादा चर्चित रही है। कांग्रेस प्रत्याशी वैभव गहलोत का मुकाबला भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार केन्द्रीय कृषि राज्य मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत से रहा है। जहां भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी चुनाव सभा करने आए थे, वहीं कांग्रेस प्रत्याशी के समर्थन में राज्य के मुख्यमंत्री गहलोत ने खुद कमान संभाली थी और अब तक कई दौरे कर चुके हैं। उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट एवं पार्टी के वरिष्ठ नेता अविनाश पांडे के अलावा जातिगत समीकरण के साधने के लिए हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा, कांग्रेस नेता कुलदीप विश्नोई, आनंद शर्मा, नवजोत सिंह सिद्दू, अश्क अली टांक तथा अन्य नेता चुनाव प्रचार में उतरे थे। इसी तरह भाजपा के पक्ष में भी कई नेताओं ने दौरे  कर चुनाव प्रचार का शोर परवान चढ़ाया था। इस कारण राज्य में पहले चरण में तेरह सीटों में सबसे ज्यादा चर्चित सीट जोधपुर सीट है। यहां कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी का दौरा तो नहीं हुआ है, लेकिन अन्य कई बड़े नेता प्रचार के लिए आए थे और उन्होंने सबका ध्यान खींच था।

पीएम मोदी ने अपनी जोधपुर चुनाव सभा में गहलोत पर हमला बोलते हुए वंशवाद का आरोप भी लगाया था। इसी तरह भाजपा के अन्य नेताओं ने भी गहलोत पर आरोप लगाए थे कि उनको राज्य के वैभव की परवाह नहीं है उन्हें सिर्फ अपने वैभव को बचाने की चिंता है। इसके जवाब में अशोक गहलोत ने मोदी पर तंज कसा था कि मोदीजी के बेटा नहीं, इसलिए वे कैसे समझेंगे कि बेटे के लिए बाप नहीं घूमेगा तो कौन घूमेगा।प्रदेश में पहले चरण में जोधपुर के साथ बाड़मेर-जैसलमेर में पूर्व विदेश मंत्री जसवंत सिंह के पुत्र और पूर्व सांसद मानवेन्द्र सिंह इस बार कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में चुनाव मैदान में रहे हैं, जहां उनका मुकाबला भाजपा के पूर्व विधायक कैलाश चौधरी से हैं। मानवेन्द्र  ने चौथी बार लोकसभा का चुनाव लडाÞ हैं। पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के पुत्र सांसद दुष्यंत सिंह झालावाड़-बारां से चौथी बार चुनाव मैदान में भाजपा प्रत्याशी रहे है और उनका मुकाबला कांग्रेस के नये चेहरे प्रमोद शर्मा से रहा है। पाली से भाजपा प्रत्याशी केन्द्रीय मंत्री पी पी चौधरी का मुकाबला कांग्रेस के पूर्व सांसद बद्रीराम जाखड़ से रहा हैं। इसी तरह जालौर से दो बार सांसद चुने गए भाजपा के देवजी एम पटेल का मुकाबला कांग्रेस के नए चेहरे पूर्व विधायक रतन देवासी से रहा है। उदयपुर से भाजपा के सांसद अर्जुन लाल मीणा और कांग्रेस के पूर्व सांसद रघुवीर मीणा के बीच मुकाबला रहा हैं।  भीलवाड़ा में भाजपा के सांसद सुभाष बहेड़यिा का मुकाबला कांग्रेस के नया चेहरा रामपाल शर्मा से रहा हैं। कोटा में भाजपा के सांसद ओम बिड़ला का कांग्रेस प्रत्याशी और पूर्व सांसद रामनारायण मीणा से सीधा मुकाबला रहा हैं। राजसमंद से भाजपा प्रत्याशी एवं पूर्व जयपुर राजघराने की राजकुमारी दीया कुमारी का मुकाबला कांग्रेस प्रत्याशी के नए चेहरे देवकीनंदन गुर्जर से रहा हैं। इसी तरह टोंक-सवाई माधोपुर में भाजपा के सांसद सुखवीर सिंह जौनपुरिया और कांग्रेस उम्मीदवार पूर्व केन्द्रीय मंत्री नमोनारायण मीणा के बीच सीधा मुकाबला रहा है। दोनों  चित्तौड़गढ़ में भी भाजपा के सांसद चन्द्र प्रकाश जोशी और कांग्रेस के पूर्व सांसद गोपाल सिंह ईडवा के बीच मुकाबला रहा है। बांसवाड़ा में भाजपा के पूर्व राज्यसभा सांसद कनकमल कटारा और कांग्रेस के तीन बार सांसद रहे ताराचंद भगोरा तथा भारतीय आदिवासी पार्टी (बीटीपी) के कांति लाल रोत के बीच त्रिकोणीय मुकाबला है।

प्रतिष्ठा दांव पर लगी
लोकसभा चुनाव के दूसरे चरण में हुए मतदान में दो केंद्रीय मंत्रियों सहित सात सांसद, पांच पूर्व सांसद एवं दो विधायकों की प्रतिष्ठा दांव पर लगी है।      दूसरे चरण में केंद्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल बीकानेर से, राज्यवर्द्धन सिंह राठौड़ जयपुर ग्रामीण से चुनाव मैदान में हैं। अपनी ही पार्टी के वरिष्ठ नेता देवी सिंह भाटी के भारी विरोध का सामना करने वाले मेघवाल के चुनाव को प्रतिष्ठा का मानते हुए पीएम मोदी बीकानेर में जमीन घोटाले को उजागर करने का श्रेय अर्जुनराम को देकर उनकी पीठ थपथपाई थी। मेघवाल के सामने पूर्व आईपीएस मदन गोपाल मेघवाल को कांग्रेस ने मैदान में उतारा है। जयपुर ग्रामीण से भाजपा के राज्यर्वद्धन सिंह राठौड़ के सामने कांग्रेस ने विधायक एवं पूर्व ओलम्पियन कृष्णा पूनिया को मैदान में उतारा है। जयपुर में सांसद रामचरण बोहरा के सामने कांग्रेस की पूर्व महापौर ज्योति खण्डेलवाल ने पूरा दमखम लगाया हैं। गंगानगर में भाजपा के निहालचंद मेघवाल के सामने कांग्रेस ने पूर्व सांसद भरत मेघवाल को मैदान में उतारा है। चुरू में सांसद राहुल कस्वां और कांग्रेस ने अल्पसंख्यक प्रत्याशी रफीक मंडेलिया के बीच टक्कर है। झुंझुनू में भाजपा ने विधायक नरेंद्र खींचड़ पर भरोसा किया है, जिनके सामने कांग्रेस ने पूर्व विधायक श्रवण कुमार को मैदान में उतारा है। सीकर में भाजपा के सांसद सुमेधानंद सरस्वती और पूर्व सांसद कांग्रेस के सुभाष महरिया के बीच रोचक मुकाबला है। अलवर में लोकसभा उप चुनाव में कांग्रेस से हार बैठी भाजपा ने इस बार पूर्व सांसद दिवंगत बाबा चांदनाथ के उत्तराधिकारी बाबा बालकनाथ को मैदान में उतारा है, उनका मुकाबला कांग्रेस के काफी अनुभवी पूर्व केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह से है। भरतपुर में सांसद बहादुर सिंह कोली का टिकट काटकर पूर्व सांसद गंगाराम की पुत्री रंजीता को मैदान में उतारा गया है जिनके सामने कांग्रेस ने नए चेहरे अभिजीत कुमार ने चुनाव लड़ा है। करौली में सांसद मनोज राजौरिया का मुकाबला कांग्रेस के संजय जाटव से है। दौसा में भाजपा की पूर्व केंद्रीय मंत्री जसकौर की टक्कर कांग्रेस विधायक मुरारी लाल मीणा की पत्नी सविता से हैं। नागौर में भाजपा ने केंद्रीय मंत्री सी आर चौधरी का टिकट काटकर समझौते में राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के हनुमान बेनीवाल का मुकाबला पूर्व सांसद ज्योति मिर्धा से रहा है।