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Saturday 17th of August 2019
राजस्थान

थानाप्रभारी रो कर बोले : मुझे बहुत परेशान किया जा रहा है, मेरे साथ कोई नहीं

Thursday, May 16, 2019 15:30 PM
SHO सोनचंद वर्मा द्वारा लिखा गया पत्र व DGP कपिल गर्ग (फाइल फोटो)

जयपुर। कहा जाता है कि पुलिस की दोस्ती भी बुरी और दुश्मनी भी बुरी। जो भी पुलिस के चंगुल में आता है उसे एकबारगी तो परेशान कर ही दिया जाता है। इस बार खुद पुलिस महकमे में 23 साल से तैनात थानाप्रभारी सोन चंद वर्मा पुलिस के आलाधिकारियों की प्रताड़ना का शिकार हुए हैं। उन्होंने ‘दैनिक नवज्योति’ से हुई बातचीत में रोते हुए कहा कि मुझे बहुत परेशान किया जा रहा है। मेरे साथ कोई भी नहीं है सिर्फ मीडिया का ही सहारा है। यह कहकर उन्होंने फोन काट दिया। उसके बाद वर्मा से कमिश्नरेट में जाकर मिलने की कोशिश की गई लेकिन मुलाकात नहीं हो सकी।

थानाप्रभारी वर्मा ने परेशान मानसिक रूप से असहज होने की बात लिखकर एक पत्र महानिदेशक पुलिस राजस्थान के नाम लिखकर सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया। अपलोड करते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और करीब आधा दर्जन पुलिस अधीक्षक स्तर के अधिकारियों ने डेढ़ घंटे तक कमिश्नरेट में समझाइश की। बताया जा रहा है कि कुछ दिन पूर्व दो एडीजीपी स्तर के अधिकारियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने के बाद से वर्मा परेशान हो रहे थे।

यह लिखा पत्र में
निवेदन इस प्रकार है कि प्रार्थी सोनचंद वर्मा पुत्र भगवान सहाय पुलिस निरीक्षक वर्तमान में दिनांक 5.3.19 से पुलिस थाना ज्योति नगर में थानाधिकारी के पद पर पदस्थापित है। प्रार्थी जब से पुलिस थाना ज्योति नगर ड्यूटी ज्वॉइन की तब से ही अपने आप को मानसिक रूप से असहज महसूस कर रहा था। इस संबंध में प्रार्थी ने सहायक पुलिस आयुक्त अशोक नगर, समस्त थाना स्टाफ और अपने घर के परिजनों को भी अवगत करा रखा है।

मुझे मेरी सन् 1996 से अब तक कुल 23 साल की नौकरी में राजस्थान पुलिस की ओर से अपार प्यार और स्नेह सदैव मिलता रहा तथा पुलिस अधीक्षक से लेकर राजस्थान राज्यपाल महोदय के द्वारा अनेक रिवार्ड एवं प्रशंसा पत्र मिले, एवं उत्तम व अति उत्तम सेवा चिन्ह भी प्राप्त हुए हैं। मुझे कभी भी राजस्थान पुलिस की सेवा करते हुए कोई किसी प्रकार की सजा या नोटिस प्राप्त नहीं हुआ है।

मैंने अपनी पूरी ईमानदारी व लगन से राजस्थान पुलिस की सेवा की लेकिन मुझे अपने आप में कुछ मानसिक असहजता महसूस होने लगी है। अत: श्रीमान जी से निवेदन है कि मुझे आज ही पुलिस थाना ज्योति नगर से कार्यमुक्त कर नियमानुसार अतिशीघ्र सेवानिवृत्ति प्रदान कर अनुग्रहीत करनें की कृपा करें।

अभी मुझे थानाप्रभारी की ओर से कोई स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति का पत्र प्राप्त नहीं हुआ है। यदि थानाप्रभारी अपनी परेशानी बताते हैं तो मामले का पता किया जाएगा।
- कपिल गर्ग, महानिदेशक पुलिस, राजस्थान