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Friday 19th of July 2019
राजस्थान

फर्जी दस्तावेजों से आईएएस की पत्नी के प्लॉट को बेचा, मुख्य सचिव से की न्याय की गुहार

Wednesday, May 15, 2019 10:05 AM
डीबी गुप्ता (फाइल फोटो)

जयपुर। राजधानी जयपुर में वरिष्ठ आईएएस एवं राजस्थान सिविल सेवा अपील अभिकरण के अध्यक्ष गिरिराज सिंह की पत्नी के प्लॉट को फर्जी दस्तावेजों से बेचने और उस पर कब्जा करने का रोचक लेकिन गंभीर मामला सामने आया है। पीड़ित आईएएस और उसकी पत्नी ने न्याय के लिए अब मंगलवार को मुख्य सचिव डीबी गुप्ता से गुहार की है। हालांकि इस प्रकरण को लेकर दो महीने पहले 14 मार्च को श्याम नगर थाने में पीड़िता की ओर से मामला दर्ज कराया जा चुका है, जिसकी जांच अब सीआईडी सीबी कर रही है। यह मामला अब चर्चा में इसलिए आया है कि आईएएस और उसकी पत्नी सोमवार को जब अपने प्लॉट पर गए तो वहां गोकुल माहेश्वरी का नाम लिखा हुआ था, जो खरीदारों का रिश्तेदार बताया गया है। आईएएस ने उसके नाम को हटाकर अपनी पत्नी का नाम लिखा, तब वहां दोनों पक्षों के बीच विवाद भी हो गया।

पुलिस और अन्य सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार आईएएस गिरिराज सिंह ने 1995 में पत्नी डॉ. दलबीर कौर के नाम से बदनपुरा (फकीरों की डूंगरी) गृह निर्माण सहकारी समिति से अजमेर रोड 200 फीट बाइपास पर सुंदर नगर में दो प्लॉट बी-90 और 107 खरीदे थे। इसके बाद 2005 में बिजली का कनेक्शन लिया था। करीब तीन साल बाद सन् 2008 में दिनेश शर्मा नाम के व्यक्ति को किराए पर दिया था। आरोप है कि दिनेश शर्मा और वासुदेव देवनानी ने पुरानी तारीखों 28 और 29 जनवरी, 2002 में मुखत्यारनामा तैयार कर माधव माहेश्वरी पुत्र केडी माहेश्वरी और अखिल माहेश्वरी पुत्र बल्लभ माहेश्वरी को बेच दिया। जिसकी रजिस्ट्री भी करवा दी। इसके आधार पर माहेश्वरी परिवार ने उस पर कब्जा कर अपना नाम लिखवा दिया। इस फर्जीवाड़े का पता चलने पर आईएएस की पत्नी की ओर से 14 मार्च को श्याम नगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। इसकी जांच सीआईडी सीबी कर रही है।

मामला मेरे पास आया था। मैंने उसी समय पुलिस महानिदेशक और पुलिस कमिश्नर को जांच कर त्वरित कार्रवाई के आदेश दे दिए थे।
- डीबी गुप्ता, मुख्य सचिव, राजस्थान


मामला सीआईडी सीबी में जांच के लिए आया था। स्क्रीनिंग के बाद अभियुक्तों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश देकर पुलिस कमिश्नर जयपुर के पास भेज दिया गया।

- बीएल सोनी, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (अपराध)

एसीपी स्तर के अधिकारी से जांच करा कर एक महीने में निस्तारण के आदेश के साथ सीआईडी सीबी से फाइल आज शाम को आई है।
- आनंद श्रीवास्तव, पुलिस आयुक्त, जयपुर

मुख्त्यारनामा के आधार पर दिनेश और वासुदेव नाम के लोगों ने हमें प्लॉट बेचे हैं। इनके साथ दो और व्यक्ति शामिल है। हमने पूरी कीमत देकर जमीन की रजिस्ट्री करवाई है। इसकी जहां चाहे वहां जांच करा ले।
- गोकुल माहेश्वरी, प्लॉट खरीदारों के निकटतम रिश्तेदार

मेरी पत्नी ने किसी भी व्यक्ति को मुख्त्यारनामा नहीं दिया है। सब कुछ कागजात फर्जी तरीके से तैयार किए गए हैं।
- गिरिराज सिंह, आईएएस और पीड़िता के पति