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Tuesday 24th of September 2019
कोटा

कोटा संभाग में बाढ़ के हालत, कैथून कस्बा बना टापू, स्कूलों की छुटि्टयां

Saturday, August 17, 2019 10:25 AM
कोटा बैराज के गेट खोल दिए गए हैं

जयपुर। राजस्थान के कुछ हिस्सों में हो रही तेज बारिश से कई जगह बाढ़ के हालात बन गए। नदी-नाले उफान पर हैं, कई गांव टापू बन गए, जिससे उनका सम्पर्क कट गया। हाड़ौती अंचल में तेज बारिश के चलते कई जगह हालत बिगड़ गए। बारां में तेज बारिश से सम्पर्क कट गया, बचाव के लिए सेना की एक टुकड़ी को बुलाया गया है।

कोटा, बारां, बूंदी और झालवाड़ जिलों में बाढ़ के हालात हैं। उदयपुर के कोटड़ा में शुक्रवार को बारिश से एक कच्चा मकान ढह जाने से पति-पत्नी की मौत हो गई। पाली के कुशालपुरा गांव की नदी में युवक डूब गया। निवाई के गांव सूरिया में नहाने गए युवक की एनिकट में डूबने से मौत हो गई, जबकि गांव तुर्किया में बारिश के बहाव को देखने के दौरान युवक एनिकट में डूब गया, उसके शव को निकाल लिया गया। टोंक जिले के पुराने बनास पुल के साथ पिकनिक मनाने गए युवक की डूबने से मौत हो गई। पाली के देसूरी में भाई को राखी बांधने गई बहन की नाले में बहने से मौत हो गई। करौली में चंबल नदी में उफान पर है।


कोटा संभाग में हालत बिगड़े
कोटा जिले का कैथून कस्बा तेज बारिश के चलते टापू बन गया है। यहां पांच फीट तक पानी भर गया, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने प्रशासन के अधिकारियों के साथ कैथून का दौरा किया। चंबल नदी पर बने सभी बांध लबालब है। कोटा बैराज के 16 गेट पांच-पांच फीट तक खोलकर पानी की निकासी की गई। झालावाड़ में भी बारिश से जनजीवन प्रभावित है। यहां भी बीते दो दिनों से लगातार बारिश हो रही है।

कोटा में पिछले 36 घण्टों में आठ इंच बारिश दर्ज हुई है। स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया गया और स्कूलों का उपयोग बाढ़ प्रभावित लोगों को रखने के निर्देश दिए हैं। बारिश की वजह से कोटा शहर की अधिकांश कॉलोनियों में घरों में पानी भर गया। स्टेशन इलाके और बोरखंड़ी में हालत सबसे ज्यादा खराब नजर आए।

परवन, पार्वती, ल्हासी, भूपसी नदियां और नाले उफान पर
कालीसिंध के 11 गेट खोलकर ढाई लाख क्यूसेक पानी निकाला गया। बारां और अटरू क्षेत्र में बीते 36 घंटों से हो रही लगातार बारिश से परवन, पार्वती, ल्हासी, भूपसी नदियां व नाले उफान पर हैं। अटरू से तीन किलोमीटर दूर किशनपुरा बांध पर पार्वती नदी का विकराल तांडव रूप देखने को मिला, यहां बड़े-बड़े पेड़, पशु बह गए। अटरू के किशनपुरा में बांध में 14 फीट पानी तथा देंगनी स्थित पुलिया पर 20 फीट पानी चल रहा है। नदी के विकराल रूप के चलते लगभग 20 गांव टापू बन गए। मध्यप्रदेश से लगते प्रदेश के बारां जिले में हालात खराब हैं। जिले की तीनों प्रमुख नदियों के उफान पर होने से बाढ़ के हालात हैं। कवाई में गुरुवार दोपहर खजुरिया बांध के गेट खोलने से कवाई सहित आस-पास के क्षेत्र में बाढ़ आ गई। इलाके के घाघोनिया, मुकन्दपुरा, पुलबड़ौद कवाई टापू बन गए। छीपाबड़ौद तहसील के खजुरिया बांध से करीब 13500 क्यूसेक पानी छोड़ दिया। अटरू में एक कच्चा मकान ढह जाने से एक बच्ची की मौत हो गई। छीपाबड़ौद के तूमड़ा गांव में खेत पर गए मां बेटे बाढ़ में फंस गए, जिन्हें रात को निकाल लिया गया।


आधा दर्जन जिलों में बाढ़ के हालात
राज्य में पिछले दो-तीन दिन से भारी बारिश के कारण कोटा, बारां, प्रतापगढ़, झालावाड़ सहित आधा दर्जन जिलों में बाढ़ के हालात बन गए। कोटा के कैथून में मदद के लिए सेना को बुलाया गया। 

कोटा, बारां में बाढ़ के हालात के चलते स्कूलों में अवकाश
कोटा,बारां में तेज बारिश और बाढ़ के हालात के चलते जिला कलेक्टर ने शनिवार तक सरकारी और निजी स्कूलों में अवकाश घोषित किया है। इसी तरह अजमेर जिला कलेक्टर ने भी शनिवार के अवकाश की घोषणा की है। इसके अलावा टोंक में भी शनिवार को स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है। जबकि सवाई माधोपुर में सभी कर्मचारियों और अधिकारियों के 17 और 18 अगस्त के अवकाश निरस्त कर दिए गए हैं।