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Tuesday 24th of September 2019
जयपुर

मध्यप्रदेश से दो लाख रुपए में बच्चे खरीदते और कराते थे चोरी

Sunday, August 25, 2019 10:00 AM

जयपुर। जयपुर शहर में वारदात करने के लिए बच्चों को खरीदकर लाया जाता है। इसके लिए बाकायदा एक साल के लिए अनुबंध होता है। यह सनसनीखेज खुलासा शादी समारोह में बैग चोरी करने वाले गिरोह के बदमाशों से पूछताछ के दौरान हुआ। करधनी थाना पुलिस ने प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तार किए गए तीन शातिर बदमाशों से पूर्व में हुई चोरियों की पूछताछ कर रही है। थानाप्रभारी इस्लाम खान ने बताया कि बीते नवंबर में सुल्तान मैरिज गार्डन में 18 लाख रुपयों से भरे बैग के चोरी मामले में कड़िया सांसी गैंग के तीन बदमाशों को गिरफ्तार किया गया है। ये बदमाश जयपुर व अलग-अलग जिलों में होने वाले शादी समारोह में सोने-चांदी व नकदी से भरे बैग चोरी करते हैं। गिरफ्तार गोकुल प्रसाद सांसी हलखेड़ी बोड़ा राजगढ़ मध्य प्रदेश, कबीर पुत्र बनवारी सांसी निवासी कड़िया बोड़ा राजगढ़ एमपी और ऋिषिकेश पुत्र बाल किशन निवासी कड़िया सांसी बोड़ा राजगढ़ एमपी है। इन तीनों को प्रोडक्शन वारंट पर कोटा से गिरफ्तार किया गया है। इन सभी का मुख्य सरगना कबीर है।

ऐसे होती है बैग चोरी की सौदेबाजी
सीआई इस्लाम ने बताया कि मध्यप्रदेश के कड़िया से ये तीनों लोग 10-12 साल के बच्चों को दो लाख रुपए प्रतिवर्ष के हिसाब से खरीद लेते थे। इन्हेंअच्छे कपड़े भी यही दिलाते हैं। बच्चों के परिजनों से एक साल के एग्रीमेंट पर लिखवाया जाता है कि यदि बच्चे या उसके परिजनों ने चोरी के माल के साथ हेराफेरी की तो उसकोदंड दिया जाएगा। इस एग्रीमेंट के बाद बच्चों को जयपुर में अलग-अलग शादी समारोह में भेज दिया जाते। जैसे ही बच्चे किसी बैग को चोरी करते वैसे ही उस बच्चे को बैग के साथ तुरंत वाहन से कड़िया भेज दिया जाता है।

पंचायत में पेंडिंग है फैसला
बदमाशों ने कबूल किया है कि सुल्तान मैरिज गार्डन से हुई 18 लाख रुपयों से भरे बैग चोरी के मामले में बच्चे और उसके परिजनों ने रकम कम बताकर बेईमानी की थी। इस संबंध में हलखेड़ी और कड़ियों के वरिष्ठजनों की पंचायत चल रही है। यदि बच्चे और परिजन ने बेईमानी की है तो उनके खिलाफ क्या कार्रवाई की जाएगी।