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Thursday 19th of September 2019
जयपुर

फर्जी आर्म्स लाइसेंस मामले में मुख्य आरोपी मोहम्मद उस्मान को किया गिरफ्तार

Monday, August 19, 2019 18:10 PM
कांसेप्ट फोटो

जयपुर। आतंकवादी निरोधक दस्ता की ओर से शुरू किए गए आॅपरेशन जुबैदा में टीम ने सोमवार को फर्जी आर्म्स लाइसेंस बनाकर अवैध हथियार बेचने वाले मुख्य सरगना उस्मान को गिरफ्तार कर लिया है। एटीएस की टीम ने उस्मान को कोर्ट में पेश किया, जहां उसे रिमांड पर लिया गया है। एटीएस उस्मान से अन्य शातिरों के बारे में जानकारी जुटा रही है। पकड़े गए उस्मान पर 25 हजार रुपए का इनाम घोषित था। उस्मान ने अवैध लाइसेंस और हथियार बेचकर एक खान, लग्जरी कार और अन्य महंगी वस्तुएं खरीद रखी थी। गिरफ्तार मोहम्मद उस्मान पुत्र वली मोहम्मद आनासागर लिंक रोड सिटी हॉस्पिटल के पीछे क्रिश्चयनगंज अजमेर का रहने वाला है। अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस अनिल पालीवाल (एटीएस-एसओजी) ने बताया कि फर्जी आर्म्स लाइसेंस प्रकरण में सूचना मिली कि इनामी अपराधी मोहम्मद उस्मान सोमवार को गेगल थाना इलाके में आएगा।

इस पर टीम ने दबिश देकर उसे पकड़ लिया। इस प्रकरण में एटीएस अभी तक 56 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। इनमें से दो अभियुक्त अभी अग्रिम जमानत पर हैं। इन सभी से 1188 पूर्ण एवं प्रक्रियाधीन शस्त्र लाइसेंस व 67 हथियार जब्त किए गए हैं। जांच के बाद गैंग के छह सदस्य मोहम्मद जुबेर, मोहम्मद जफर खान, राहुल ग्रोवर, सुनील शर्मा, विशाल आहूजा और दीपक गुलाटी के खिलाफ बीती आठ दिसंबर 2017 को चार्जशीट पेश की जा चुकी है।

अभियुक्त नरेन्द्र कुमार उर्फ बंटी बढेÞरा व प्यार मोहम्मद के खिलाफ 9 मई 2018 को चार्जशीट पेश की गई। अन्य के खिलाफ धारा 173 (8) में अनुसंधान जारी है। गिरफ्तार मोहम्मद उस्मान अपने बेटे जुबेर मोहम्मद के साथ मिलकर अवैध शस्त्र लाइसेंस बनवाने और उन पर मालवा बन्दूक घर से बिना कोई आॅर्थराइजेशन के भारी मात्रा में हथियार व कारतूस का अवैध कारोबार कर रहा था।

पिता की मौत के बाद शुरू किया कारोबार
पकड़े गए मोहम्मद उस्मान के पिता वली मोहम्मद की अजमेर में वली गन हाउस के नाम से दुकान थी। वली मोहम्मद का वर्ष 2003 में देहांत हो गया। उसके बाद से गन हाउस का लाइसेंस भी निरस्त हो गया। ऐसे में मोहम्मद उस्मान ने अवैध हथियार एवं लाइसेंस बनाना शुरू कर दिया। उस्मान ने अवैध हथियार लाने के लिए देवास निवासी अपने फूफा प्यार मोहम्मद से संपर्क किया। प्यार मोहम्मद का देवास में गन हाउस था।

इसके बाद उसने जम्मू में विशाल आहूजा और राहुल ग्रोवर से फर्जी लाइसेंस बनवाना शुरू कर दिया। उस्मान एक लाइसेंस बनवाने के लिए चार साढ़े तीन से चार लाख रुपए लेता था। इसमें से डेढ़ दो लाख रुपए ऊपर देता था और बाकी खुद रखता था।  

सही तरीके से नहीं हुई जांच
जांच में सामने आया है कि वर्ष 2003 में वली मोहम्मद की मौत के बाद गन हाउस का लाइसेंस निरस्त हो गया था, लेकिन अधिकारियों ने इसकी जांच नहीं की। उस्मान ने अपने पिता के नाम जारी हुए लाइसेंस की आड़ में अवैध हथियार और लाइसेंस का धंधा शुरू कर दिया। वह लाइसेंस और हथियार लाने के लिए अपने नाबालिग बेटे मोहम्मद जुबेर को भी साथ लेकर जाता था। वर्ष 2006 में भी क्रिश्चयनगंज थाने में उस्मान के खिलाफ आर्म्स एक्ट का मुकदमा दर्ज हुआ, लेकिन फिर भी गन हाउस की गहनता से जांच नहीं की गई।