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Tuesday 24th of September 2019
जयपुर

डोर टू डोर कचरा संग्रहण के लिए कंपनी को करोड़ों का भुगतान, फिर भी निगम के वाहन उठा रहे कचरा

Monday, August 19, 2019 11:15 AM
हूपर(फाइल फोटो।

जयपुर। डोर टू डोर कचरा संग्रहण में बड़ा खेल चल रहा है। नगर निगम एक तरफ कचरा संग्रहण के लिए अधिकृत कंपनी को प्रत्येक महीने करोड़ों का भुगतान कर रहा है। वहीं दूसरी ओर निगम के वाहनों को पूरे शहर में कूड़ा उठाते देखा जा सकता हैं। कंपनी और निगम अधिकारियों की मिलीभगत से शहर साफ होने के बजाए कॉलोनियों में कचरे के ढेर लगे रहते हैं। जानकारी के अनुसार नगर निगम ने पुणे की कंपनी को शहर के 91 वार्डों से डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन का कार्य सौंप रखा है। इसी कंपनी की जिम्मेदारी है कि वाहन घर-घर से कचरा लेंगे और उसे डंपिंग प्लांट तक पहुंचाएंगे। इस कार्य में कंपनी को सालाना 80 करोड़ रुपए से अधिक की राशि नगर निगम की ओर से दी जानी थी, लेकिन निगम अधिकारियों की अनदेखी के चलते कंपनी ने अधिकतर वार्डों में काम बंद कर दिया। इससे कॉलोनियों में कचरे के ढेर लगे रहते हैं।

कचरा संग्रहण के लिए निगम ने खरीदे हूपर
कंपनी के काम बंद करने पर निगम प्रशासन ने अपने नए हूपर खरीद कर कंपनी को दे दिए, जिनका खर्चा निगम प्रशासन उठा रहा है। जबकि यह कार्य कंपनी के वाहनों से किया जाना चाहिए था। वहीं कंपनी वर्तमान में शहर के कुछ ही वार्डो से कचरा कलेक्शन का कार्य कर रही है। इससे कॉलोनियों में ही नहीं, बल्कि मुख्य सड़कों पर और बाजारों में भी दिनभर कचरे के ढ़ेर लगे रहते है। इससे यहां पर रहने वाले स्थानीय लोगों के साथ पर्यटकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।