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Saturday 17th of August 2019
जयपुर

एमडी ने नहीं माने मंत्री खाचरियावास के आदेश, कर्मचारियों को सौंप दिया अतिरिक्त चार्ज

Thursday, May 16, 2019 11:05 AM
प्रताप सिंह खाचरियावास (फाइल फोटो)

जयपुर। निर्वाचन विभाग की लाख कोशिश के बाद भी सरकारी अधिकारी आचार संहिता की पालना नहीं कर रहे। बल्कि रोडवेज की प्रबंध निदेशक ने तो मंत्री के आदेशों को दरकिनार करते हुए रोडवेज में कार्यरत कर्मचारियों को जेसीटीएसएल का अतिरिक्त कार्यभार सौंप दिया। इसका मंत्री ने विरोध भी जताया है।

जानकारी के अनुसार परिवहन मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने कुछ समय पूर्व रोडवेज एमडी को दूसरे विभागों में प्रतिनियुक्ति पर लगे रोडवेज कर्मचारियों को वापस बुलाने के निर्देश दिए थे। उन्हें बुलाना तो दूर, एमडी शुचि शर्मा ने अपने ही कर्मचारियों को जेसीटीएसएल में अतिरिक्त चार्ज सौंप दिया। इसकी मंत्री को शिकायत मिलने पर उन्होंने नाराजगी भी जताई। जेसीटीएसएल के प्रबंध निदेशक श्यामलाल गुर्जर के उपार्जित अवकाश पर जाने के बाद सरकार ने रोडवेज एमडी शुचि शर्मा को जेसीटीएसएल सीएमडी का अतिरिक्त चार्ज सौंपा था।

इन्हें सौंपा अतिरिक्त चार्ज
रोडवेज में एसई के पद पर लगे मुकेश राणा को जेसीटीएसएल में जोनल मैनेजर का, एमएल खत्री सलाहकार को टैक्निकल सलाहकार, चन्द्र शेखर महर्षि एएओ को मुख्य प्रबंधक सांगानेर डिपो, अशोक शर्मा प्रोग्रामर ईटीएम मशीन व कम्प्यूटर व्यवस्थापक और कार्यकारी निदेशक (यांत्रिक) खेमसिंह को जेसीटीएसएल की कमेटी सदस्य के पद का अतिक्ति कार्यभार सौंपा है। जबकि नियमों के अनुसार आचार संहिता के दौरान ऐसे आदेश जारी नहीं किए जा सकते। एमएल खत्री रोडवेज में भी सेवानिवृत्त के बाद (अनुबंध पर) लगे हुए हैं। इन्हें दूसरे विभाग में काम सौंपने से पहले निर्वाचन विभाग की अनुमति भी जरूरी होती है।

इनका कहना
रोडवेज में प्रतिनियुक्ति पर गए कर्मचारियों को वापस बुलाने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद भी यहां के कर्मचारियों को दूसरे विभाग में भेज रहे है तो गलत है, कार्रवाई की जाएगी। - प्रताप सिंह खाचरियावास, परिवहन मंत्री

ऐसा कोई मामला मेरी नजर में नहीं आया। यदि रोडवेज के कर्मचारियों को दूसरे विभाग में कार्य का अतिरिक्त चार्ज दिया गया है तो यह आचार संहिता के उल्लंघन में आता है। - जगरूप सिंह यादव, जिला निर्वाचन अधिकारी

मेरे को जेसीटीएसएल का अतिरिक्त कार्यभार मिला हुआ है। वहां पर काम करने वालों की कमी के चलते इन्हें अस्थाई तौर पर लगाया है। - शुचि शर्मा, प्रबंध निदेशक राजस्थान रोडवेज