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Tuesday 24th of September 2019
भारत

बैंकों को 70 हजार करोड़ रुपए का राहत पैकेज, हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों को 30 हजार करोड़

Saturday, August 24, 2019 10:20 AM
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण

नई दिल्ली। देश के मौजूदा आर्थिक हालात पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने न सिर्फ सफाई पेश कि बल्कि आर्थिक मंदी के हालात को सुधारने के लिए टैक्स सुधारों का ऐलान भी किया है। सीमारमण ने देश में कैश फ्लो को बढ़ाने के लिए बैंकों को 70,000 करोड़ रुपए जारी करने का ऐलान किया है, जिससे वित्तीय व्यवस्था में पांच लाख करोड़ रुपए का कैश फ्लो होगा।

इसके साथ ही निवेश को बढ़ाने के लिए लॉन्ग टर्म और शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन्स पर टैक्स सरचार्ज को वापस लेने की घोषणा भी की। विदेशी संस्थागत निवेशकों पर भी अतिरिक्त सरचार्ज को वापस लेने की घोषणा की है। सीतारमण ने बजट के दौरान सुपररिच पर बढ़ाए गए सरचार्ज को भी वापस लेने का फैसला लिया है। इससे एफपीआई और घरेलू निवेशकों को राहत मिलेगी और पूंजी बाजार में आई सुस्ती दूर होगी। निर्मला सीतारमण ने देश की मौजूदा अर्थव्यवस्था पर कहा कि दुनिया के बाकी देश भी मंदी का सामना कर रहे हैं, पर दुनिया के मुकाबले भारत की अर्थव्यवस्था बेहतर हालात में है।

वैश्विक मंदी से बचने के लिए वित्त मंत्री ने किए कई ऐलान
निर्मला सीतारमण ने ऑटो सेक्टर के लिए भी बड़े ऐलान करते हुए कहा कि मार्च 2020 तक खरीदे जाने वाले बीएस-4 इंजन वाले व्हीकल्स को चलाने में कोई भी दिक्कत नहीं होगी। रजिस्ट्रेशन फीस में इजाफे को भी जून 2020 तक के लिए टाल दिया गया है। उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रिक व्हीकल्स पर सरकार के जोर के चलते पेट्रोल और डीजल वाली गाड़ियों के बंद होने की आशंका थी और इसके चलते बिक्री कम होने की शिकायतें आ रही थीं।

हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों को 30 हजार करोड़
सीतारमण ने हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों को भी 30 हजार करोड़ रुपये देने का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि अब से 60 दिनों के अंदर जीएसटी का रीफंड मिलेगा, वहीं, लघु उद्योंगों को 30 दिन में जीएसटी का  रीफंड मिलेगा, इसी तरह एमएसएमई ऐक्ट में उद्योंगों की एक ही परिभाषा होगी। उन्होंने कहा की डीमैट खातों में भी आधार की केवाईसी चलेगी, सरकारी काम के लिए वक्त पर पैसा जारी किया जाएगा।

सुधार एक निरंतर चलने वाली प्रक्रिया
उन्होंने कहा कि सुधार एक निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है और देश में लगातार आर्थिक सुधार हुए हैं, भारत की अर्थव्यवस्था दूसरे देशों के मुकाबले काफी बेहतर हुई है। आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिए कॉर्पोरेट सोशल रेस्पॉन्सिबिलिटी के उल्लंघन को उन्होंने क्रिमिनल केस न बनाने की बात कही। उन्होंने कहा कि इस पर सिर्फ जुर्माना ही लगेगा। स्टार्टअप्स पर लगने वाले ऐंजल टैक्स की वापसी का भी फैसला लिया गया है।

भारत की ग्रोथ अपने ट्रैक पर
ग्लोबल इकॉनमी के बारे में बात करते हुए निर्मला ने कहा कि वैश्विक जीडीपी 3.2 पर्सेंट रहने का अनुमान है, ग्लोबल डिमांड कम है। निर्मला सीतारमण ने कहा कि चीन और अमेरिका समेत तमाम देशों के मुकाबले हमारी जीडीपी ग्रोथ ज्यादा है, हम अर्थव्यवस्था से जुड़ी चिंताओं को दूर करने के लिए काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत की ग्रोथ अपने ट्रैक पर है। इकॉनामिक रिफॉर्म्स जारी रहेंगे, पर्यावरण से जुड़े क्लियरेंस को भी आसान किया गया है, हम बिजनस को मंजूरी देने की प्रक्रिया को लगातार आसान कर रहे हैं।

जीएसटी खामियां होगी दूर
सरकार की ओर से आर्थिक सुधारों का जिक्र करते हुए सीतारमण ने कहा कि जीएसटी में जो भी खामियां हैं, उसे दूर करेंगे। टैक्स और लेबर कानून में लगातार सुधार कर रहे हैं। यह कहना गलत है कि सरकार किसी का उत्पीड़न कर रही है, संपत्ति बनाने वाले लोगों का हम सम्मान करते हैं। उन्होंने कहा कि कंपनियों के विलय और अधिग्रहण की मंजूरी तेजी से दी जा रही है और अब टैक्स उत्पीड़न के मामलों पर रोक लगेगी।

लोन लेने वाले ग्राहकों को राहत
वित्त मंत्री ने कहा कि बैंकों ने रेट कट का लाभ अब ग्राहकों तक पहुंचाने की सहमति जताई है। लोन लेने वाले ग्राहकों को राहत देते हुए उन्होंने कहा कि लोन क्लोजर के 15 दिनों के भीतर सिक्यॉरिटी के लिए जमा किए दस्तावेज ग्राहकों को वापस करने होंगे। उन्होंने कुल 32 स्लाइड्स में अर्थव्यवस्था की तस्वीर पेश की।

चीन और अमेरिका के बीच चल रहे ट्रेड वॉर का असर
उन्होंने कहा कि वैश्विक मंदी को समझने की जरूरत है, चीन और अमेरिका के बीच चल रहे ट्रेड वॉर की वजह से मंदी की समस्या सामने आ रही है। ऐसा नहीं है कि मंदी की समस्या सिर्फ भारत के लिए है, बल्कि दुनिया के बाकी देश भी इस समय मंदी का सामना कर रहे हैं।