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Thursday 19th of September 2019
भारत

चांद की कक्षा में दाखिल हुआ चंद्रयान-2, चांद की सतह पर पहुंचेगा 7 सितंबर को

Monday, August 19, 2019 16:45 PM
प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित करते इसरो के चेयरमैन के. सिवन।

चेन्नई। भारतीय अंतरिक्ष यान चंद्रयान-2 के मंगलवार को चंद्रमा की कक्षा में प्रवेश करने के साथ ही भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने एक और मील का पत्थर स्थापित कर दिया। चंद्रयान-2 का प्रक्षेपण 22 जुलाई को आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक केंद्र से किया गया था। चंद्रयान-2 सात सितंबर को चंद्रमा के 'साउथ पोल' में सात सितंबर को उतरेगा।  इसरो ने बताया कि चंद्रयान-2 आज सुबह नौ बजकर दो मिनट पर सफलतापूर्वक चंद्रमा की कक्षा में प्रवेश कर गया। प्रक्षेपण के 29 दिनों के बाद चंद्रयान-2 ने चंद्रमा की कक्षा में प्रवेश किया है।

इसरो के अध्यक्ष डॉ. के. शिवन ने चंद्रयान-2 के चंद्रमा के कक्ष में प्रवेश करने की प्रक्रिया को मुश्किल करार देते हुए मंगलवार को कहा कि यह 30 मिनट का तनावपूर्ण अभियान था। शिवन ने कहा कि यह 30 मिनट का तनावपूर्ण अभियान था। उन्होंने कहा कि वह काफी तनाव में और चिंतित थे, लेकिन अंतरिक्ष यान के सफलतापूर्वक चंद्रमा के कक्ष में प्रवेश से बड़ी राहत और खुशी हुई है।

इसरो के लगभग 200 वैज्ञानिक श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से 22 जुलाई को प्रक्षेपित हुए चंद्रयान-2 की गतिविधियों पर नजर रख रहे हैं। चंद्रमा की कक्षा में प्रवेश के साथ ही इस अंतरिक्ष यान का चंद्रमा के 'साउथ पोल' में स्थापित होने के लिए मुश्किल सफर शुरू हो गया। दुनिया के किसी देश ने चंद्रमा के 'साउथ पोल' में अपना अंतरिक्ष यान स्थापित नहीं किया है। 

चंद्रयान के चंद्रमा के कक्ष में प्रवेश करने के बाद इसरो ने ट्वीट कर कहा कि हमारी मंजिल करीब है। चंद्रयान-2 चंद्रमा की कक्ष में प्रवेश कर गया। लैंडर (विक्रम) अब सात सितंबर को चंद्रमा की नरम भूमि पर उतरेगा। चंद्रयान-2 ने चंद्रमा के कक्ष में प्रवेश के साथ ही 22 जुलाई सफल परीक्षण के बाद से 48 दिनों में 3.844 लाख किलोमीटर की दूरी तय कर ली है।  करीब 3850 किलोग्राम वजनी चंद्रयान 13 भारतीय अंतरिक्ष उपकरण (आठ कृत्रिम उपग्रह, तीन लैंडर और दो रोवर) और नासा का एक निष्क्रिय प्रयोग को लेकर जा रहा है।

तकनीकी कठिनाइयों की वजह से चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर उतरने के कई प्रयास विफल हो गये हैं। भारत के राष्ट्र ध्वज को लेकर जा रहा चंद्रचान -2 चंद्रमा के 'दक्षिणी ध्रुव' उतरने वाले दुनिया का पहला अंतरिक्ष यान होगा। इससे पहले यहां कोई भी मानव नहीं पहुंचा है।

पीएम मोदी ने इसरो को दी बधाई
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चंद्रयान-2 के चंद्रमा की कक्षा में प्रवेश करने पर भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) को बधाई दी और कहा कि चांद की ऐतिहासिक यात्रा  में यह एक महत्वपूर्ण कदम है। मोदी ने ट्वीट किया कि चंद्रयान-2 के चंद्रमा की कक्षा में प्रवेश पर टीम इसरो को बधाई। इस सफलता के लिए शुभकामनाएं।