Dainik Navajyoti Logo
Sunday 21st of April 2019
भारत

विवादित टिप्पणी के मामले में आजम खान के खिलाफ केस दर्ज

Monday, April 15, 2019 15:00 PM
जया प्रदा और आजम खान (फाइल फोटो)

रामपुर। लोकसभा चुनाव में रामपुर सीट से भाजपा उम्मीदवार जयाप्रदा के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी के मामले में समाजवादी पार्टी(सपा)उम्मीदवार मोहम्मद आजम खां के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करायी गयी है। भाजपा उम्मीवार  जयाप्रदा ने सोमवार को यहां संवाददाताओं से कहा, ''मैं अपने खिलाफ इस्तेमाल की गई भाषा को बर्दाश्त नहीं कर पा रही हूं। उन्होंने जनता से आम चुनाव में खां के पक्ष में कोई वोट न देकर उनके खिलाफ लड़ने का आग्रह किया है।  जयाप्रदा ने कहा '' यदि आप मुझे अपनी बहन मानते हैं, तो मैं आपसे आजम खान के खिलाफ लडऩे का आग्रह कर रही हूं। जब आप 23 अप्रैल को मतदान करेंगे, तो उन्हें कोई वोट नहीं मिलना चाहिये।

इस बीच रामपुर जिले के अधिकारियों ने खां के खिलाफ रविवार देर रात शाहबाद पुलिस थाने में आईपीसी की धारा 509 और आरपी अधिनियम की धारा 125 के तहत प्राथमिकी दर्ज की है। खां के खाकी अंडरवियर वाले बयान पर जया प्रदा ने कहा कि मैंने उनके साथ ऐसा क्या कर दिया कि वो ऐसा कह रहे हैं।  हालांकि, आजम खान ने जया प्रदा के खिलाफ किसी भी तरह की आपत्तिजनक टिप्पणी करने से स्पष्ट रूप से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा, ''मैंने कहा कि लोगों को एक व्यक्ति का असली चेहरा जानने में समय लगता है।

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव की मौजूदगी में जनसभा को संबोधित करते हुये जयाप्रदा पर निशाना साधा और कहा था कि जिसको हम ऊंगली पकड़कर रामपुर लाए, आपने दस साल जिससे अपना प्रतिनिधित्व कराया, उनकी असलियत समझने में आपको 17 बरस लगे। उन्होंने कहा ''मैं रामपुर से नौ बार विधायक रहा हूं और एक मंत्री था। मुझे पता है कि क्या कहना है। यदि कोई साबित करता है कि मैंने किसी का नाम लिया है और किसी का भी नाम लेकर अपमान किया है। तो मैं चुनाव से हट जाऊंगा। 

इस बीच खां की टिप्पणी पर राष्ट्रीय महिला आयोग भी संज्ञान लिया है। महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा ने कहा कि वह हमेशा महिलाओं के बारे में गंदी बात करते हैं, इस चुनाव में यह दूसरी टिप्पणी है। राष्ट्रीय महिला आयोग ने उन्हें नोटिस भेजा है।  उन्होंने कहा कि हम चुनाव आयोग को उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के लिए भी लिख रहे हैं। मुझे लगता है, महिला मतदाताओं को इस तरह के लोगों के खिलाफ मतदान करना चाहिए जो इस तरह से महिलाओं के खिलाफ बयान देते हैं।