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Monday 14th of October 2019
भारत

पीएम को खुला खत लिखने वाली 49 हस्तियों के खिलाफ बंद होगा राजद्रोह का केस

Thursday, October 10, 2019 08:25 AM
रामचंद्र गुहा, अनुराग कश्यप और अपर्णा सेन (फाइल फोटो)

मुजफ्फरपुर/पटना। देश में मॉब लिंचिंग के मामलों पर चिंता जाहिर करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खुला खत लिखने वाले इतिहासकार रामचंद्र गुहा, फिल्मकार श्याम बेनेगल और मणिरत्नम समेत 49 लोगों के खिलाफ बिहार के मुजफ्फरपुर में दर्ज प्राथमिकी के देशद्रोह समेत सभी आरोप गलत पाए गए और अब पुलिस याचिकाकर्ता अधिवक्ता सुधीर कुमार ओझा पर कार्रवाई किए जाने की तैयारी कर रही है।

मुजफ्फरपुर के वरीय पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार ने बताया कि अधिवक्ता सुधीर कुमार ओझा की ओर से 27 जुलाई 2019 को दायर किए गए परिवाद पर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी सूर्यकांत तिवारी के आदेश के बाद उनके माध्यम से यह प्राथमिकी 2 अक्टूबर को दर्ज हुई है। प्राथमिकी में इतिहासकार रामचंद्र गुहा, फिल्मकार श्याम बेनेगल, निर्माता-निदेशक मणिरत्नम, अभिनेत्री अपर्णा सेन, रेवती, कोंकणा सेन, निर्माता अरुण गोपाल कृष्ण, अभिनेता सौमित्र चटर्जी और गायिका शुभा मुद्गल समेत 49 लोगों के नाम हैं। भारतीय दंड विधान की धारा 124ए, 153बी, 160, 290, 297, 504 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। इसमें देशद्रोह, उपद्रव करने, शांति भंग करने के इरादे से धार्मिक भावनाओं को आहत करने से संबंधित धाराएं लगाई गईं हैं। कोर्ट ने पुलिस अधीक्षक को मामले में प्राथमिकी दर्ज कर 11 नवंबर 2019 तक मामले की जांच पूरी करने का आदेश दिया था।

वहीं, कोर्ट ओझा ने अपनी याचिका में कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खुला खत लिखने और इसका विभिन्न मीडिया माध्यमों से प्रचार-प्रसार करने से पूरी दुनिया में देश और प्रधानमंत्री मोदी की छवि धूमिल हुई है।  कुमार ने बताया कि सदर थाने के अवर निरीक्षक (एसआई) एवं इस मामले के जांच अधिकारी हरेराम पासवान ने अपने अनुसंधान में पाया कि इन दिग्गजों पर लगाए गए कोई भी आरोप सत्य नहीं है। साथ ही याचिकाकर्ता ओझा लगाए गए आरोपों के समर्थन में कोई साक्ष्य भी प्रस्तुत नहीं कर पाए।