Dainik Navajyoti Logo
Sunday 26th of May 2019
 
NDA UPA Others
355 91 96
खास खबरें

जनता का घोषणापत्र: गांवों में बेहतर शिक्षा व चिकित्सा की जरूरत

Friday, May 03, 2019 12:15 PM
बुलबुल नायक, प्रिंस पारिक, सचिन माली (फाइल फोटो)

जयपुर। आज के दौर में देशभर के शहरी क्षेत्रों के विकास पर सभी सरकारों का पूर्ण रूप से फोकस होता है, लेकिन आज भी देश के कई गांव बेहर शिक्षा और चिकित्सा सुविधाओं से वंचित है और वहां पर चिकित्सा के साथ ही अच्छी शिक्षा की सुविधा नहीं है। ऐसे में सरकार और राजनेताओं को इस मुद्दे पर प्रभावी कार्य योजना बनाकर उसको जमीनी स्तर पर उतारना होगा, तभी आने वाली समस्या से निजात मिल सकेगी। दैनिक नवज्योति ने लोकसभा चुनावों को लेकर शहर की युवाओं की राय जानी और पूछा कि अगर आप प्रत्याशी होते तो ‘जनता का घोषणा पत्र’ में क्या-क्या घोषणाएं करते तथा चुनाव जीतने के बाद उनको कैसे पूरा करते।

रोजगार के अवसर उपलब्ध करवाना

राजस्थान विश्वविद्यालय के छात्रनेता सचिन माली ढूंढ़लोद ने बताया कि अगर मैं लोकसभा सांसद प्रत्याशी होता तो मेरे घोषणापत्र में सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए लोगों को जागरूक करना, ढाणीयों, गांवों, शहरों में शिक्षा व चिकित्सा की उचित व्यवस्था करना, लघु उद्योगों की स्थापना करना, छात्र-छात्राओं को खेल के प्रति जागरूक करना व स्कूल व कॉलेज स्तर पर उचित व्यवस्था करके खेल को बढ़ावा देना, युवाओं को सही समय पर रोजगार के अवसर उपलब्ध करवाना।

पर्यटन के साधन उपलब्ध करवाना

राजस्थान विश्वविद्यालय के छात्र प्रिंस पारीक ने कहा कि अगर में लोकसभा प्रत्याशी होता तो दूरदराज के लोगों के पर्यटन के साधन उपलब्ध करवाना व गांवों में खेती के लिए नवीन साधन उपलब्ध करवाना व रोजगार उपलब्ध करवाना मेरी प्राथमिकता रहेगी और जीतने के बाद प्रभावी कार्य योजना बनाकर इस सभी कार्य को पूरा करता।

महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा प्राथमिकता

एक्ट्रेस बुलबुल नायक ने कहा कि यदि मैं लोकसभा प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ती तो मेरी प्राथमिकताओं में महिला-बच्चों की सुरक्षा, एजुकेशन और सिक्युरिटी जैसे बुनियादी मुद्दों पर फोकस रहता। मौजूदा माहौल में महिलाओं पर हो रहे अत्याचार के खिलाफ कड़े कानून की पहल करती। वहीं पर एजुकेशन के स्तर को सुधारने की कोशिश करती। गरीब लोगों तक अच्छी सुविधाएं पहुंच सके इसके लिए हॉस्पिटल्स में एडवांस टेक्नोलॉजी लाने का प्रयास करूंगी, जिससे प्रत्येक गरीब इसका फायदा उठा सके।