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शिक्षा जगत

बंद हो सकता है राजस्थान यूनिवर्सिटी का 30 साल पुराना जनसंचार केन्द्र

Tuesday, May 14, 2019 11:30 AM
राजस्थान विश्वविद्यालय का जनसंचार केन्द्र अब बंद होने के कगार पर पहुंच गया है। इसका मुख्य कारण शिक्षकों की कमी है।

जयपुर। राजस्थान विश्वविद्यालय का जनसंचार केन्द्र अब बंद होने के कगार पर पहुंच गया है। इसका मुख्य कारण शिक्षकों की कमी है। यहां पर अभी पढ़ा रहे शिक्षक अब हरिदेव जोशी पत्रकारिता विश्वविद्यालय जयपुर में आगामी शैक्षणिक सत्र 2019-20 में शिफ्ट होंगे। इसके बाद यहां पर आरयू का एक भी शिक्षक नहीं रहेगा। ऐसे में आरयू प्रशासन को इस विभाग को चलाना संभव नहीं हो पाएगा।

दरअसल बीजेपी ने संसाधनों की कमी का हवाला देकर हरिदेव जोशी पत्रकारिता विवि को बन्द किया, जिसे कांग्रेस सरकार ने फिर से शुरू कर दिया है। जिसके चलते आरयू के पास इस विभाग को बंद करने की समस्या सामने आ गई है। जबकि यह विभाग पिछले 30 सालों से चल रहा है। आरयू में सत्र 1991-92 से स्ववित्त पोषित (एसएफएस) आधार पर जनसंचार केंद्र शुरू किया गया था। जिसमें एक वर्षीय स्रातकोत्तर डिप्लोमा कोर्स कराया जाता था। 1992-93 से डिप्लोमा के स्थान पर एक वर्षीय स्नातक कोर्स शुरू किया गया। 2001 से दो वर्षीय स्रातकोत्तर कोर्स एसएफएस स्कीम में चलाया गया।

विरोध में आए शिक्षक और छात्र
इसके विरोध में शिक्षक, छात्र और पूर्व छात्र आ गए है तथा इसे पत्रकारिता विभाग को नियमित रूप से चालू रखने की मांग कर रहे हैं। एबीवीपी मंगलवार को आरयू मुख्य द्वार पर विरोध-प्रदर्शन करेगी। ऐसे में अब सरकार को इस विवि के लिए भी नए पद सृजन कर इस विभाग के संचालन में मदद करनी चाहिए। उधर, आरयू के पूर्व अध्यक्ष डॉ.अखिल शुक्ला ने भी इस केन्द्र को बंद करने का विरोध किया है।

इनका कहना है
शिक्षकों की कमी के चलते यह विभाग बंद होने की कगार पर है, लेकिन हम इसको बंद करने के बजाए बीच का कोई भी रास्ता निकालकर का प्रयास करेंगे और इस सेंटर को चलाने का प्रयास करेंगे।’
- प्रो.आरके कोठारी, कुलपति, राजस्थान विश्वविद्यालय