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Monday 14th of October 2019
स्वास्थ्य

जयपुर में जुटे देश-विदेश के नामचीन शिशु रोग विशेषज्ञ

Saturday, October 05, 2019 18:15 PM
नियोकॉन- 2019 में मौजूद पद्मावती बंदोपाध्याय व शिशु रोग विशेषज्ञ

जयपुर। विश्व की प्रथम महिला एयर मार्शल और भारत की प्रथम महिला डायरेक्टर जनरल ऑफ मेडिकल इंडियन आर्म्ड फोर्सेज पद्मावती बंदोपाध्याय ने कहा कि देश में शिशु मृत्युदर चिंता का विषय है, इसे कम करने के लिए हमें समाज की मानसिकता को बदलना होगा। बालविवाह की रोकथाम और महिलाओं के स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता की जरूरत है। जब मां स्वस्थ्य रहेगी तो बच्चा भी स्वस्थ रहेगा और जब बच्चा स्वस्थ्य होगा तो पूरा देश स्वस्थ व सबल होगा।


बंदोपाध्याय शनिवार को होटल क्लॉर्क आमेर में नियोकॉन- 2019 के उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रही थीं। उन्होंने कहा कि आज भी समाज में लड़का पैदा नहीं होने का सारा दोष लड़की के माथे डाल दिया जाता है, जो गलत है। लड़का ही बहुत जरूरी है, इस धारणा में बदलाव लाना होगा। उन्होंने सरकार ने स्वच्छ भारत, न्यूट्रिशन, बेटी पढ़ाओ- बेटी समेत दर्जनों योजनाएं शुरू की हैं। इनसे समाज में बदलाव आएगा, लेकिन इसकी शुरूआत स्वयं से करना होगी। कठिन पुरुषार्थ ही सफलता का राज है। हमें महिला सशक्तिकरण के महत्व को समझना होगा। समाज की मानसिकता बदलने के लिए धार्मिक गुरु, पूजारी और मौलवियों को साथ लेकर आगे बढ़ना होगा।


उन्होंने कहा कि 39 साल तक में रही एयरफोर्स में रही हूं। पहली महिला एयर चीफ मार्शल बनने का मुझे सौभाग्य मिला है, यह महिला सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम था। उन्होंने कहा कि हमारे जमाने में कामकाजी महिलाओं से शादी करना अच्छा नहीं माना जाता था, लेकिन अब समय बदला है। अब शादी के लिए कामकाजी महिलाओं को तरजीह दी जाती है। उन्होंने कहा कि नियोकॉन- 2019 में मुझे आमंत्रित किया गया है, यह मेरा सौभाग्य है।


नियोकॉन- 2019 के आर्गेनाइजिंग चेयरपर्सन एवं शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. धनंजय मंगल ने बताया कि अभी शिशु मृत्युदर विश्व औसत से अधिक है। दूर दराज के ग्रामीण इलाकों में चिकित्सा सुविधाओं के अभाव में बर्थ असफएक्सिया के केसेज और अन्य गंभीर बीमारियों के चलते काफी जाने जाती हैं। कॉन्फ्रेंस का मुख्य उद्देश्य है कि हम इस पर काबू कर पाएं और सुदूर क्षेत्रों में नवीनतम टेक्नोलॉजी और नए इनोवेशन का फायदा पहुंचे।

कांफ्रेंस के पहले दिन नवजात शिशुओं में होने वाली गंभीर बीमारियों व नवजात शिशुओं मे जन्म के बाद होने वाली गंभीर रोगों के निदान और उपचार पर विभिन्न सत्रों के माध्यम में चर्चा की गई। इस दौरान देश के ख्याति नाम शिशु रोग विशेषज्ञों नवजात स्वास्थ की चुनौतियों और उनके उपचार के लिए अपनाई जा रही नवीन तकनीकी के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि रविवार को भी विभिन्न सत्रों के माध्यम से विशेषज्ञ अपने अनुभवों पर चर्चा करेंगे।

निकॉन- 2019 में देश- विदेश के 550 शिशु रोग विशेषज्ञ और नर्सेज भाग ले रहे हैं। राजस्थान सरकार और यूनिसेफ के भी 130 शिशु रोग विशेषज्ञ और नर्सेज कांफ्रेस में आए हैं। उन्होंने कहा कि नवीन तकनीकी से निश्चत तौर में शिशु मृत्यु दर में कमी आएगी।

कॉन्फ्रेंस में एम्स दिल्ली के विख्यात चिकित्सक व पीडियाट्रिक्स डिपार्टमेंट हेड प्रोफेसर अशोक देवरानी बच्चों की बीमारियों के उपचार इनोवेशन एंड सॉल्यूशन पर परिचर्चा की। नवजात की परिचर्या के लिए ईजाद एप्प की लॉन्चिंग की गई। इस एप्प के माध्यम से सुदूर क्षेत्रों में कार्यरत डॉक्टर्स नवजात शिशु उपचार में नई तकनीकों  का उपयोग कर सकेंगे।