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स्वास्थ्य

लिगामेंट चोट में अब नई डबल बंडल तकनीक

Wednesday, May 08, 2019 11:45 AM

जयपुर। एंटीरियर क्रूसिएट लिगामेंट घुटनों की चोट में सर्वाधिक चोटिल होने वाला लिगामेंट है। लिगामेंट दो हड्डियों की संरचना को जोड़ने वाली इकाई है, जो हड्डियों की चाल को आसान बनाती है। ज्यादातर खेलों में या किसी गंभीर चोट के कारण इस लिगामेंट को क्षति होती है। इसके इलाज के लिए अब मामूली चीरे वाली अत्याधुनिक तकनीक डबल बंडल एसीएल रिकंस्ट्रेकशन आ गई है। जयपुर में भी अब यह नई तकनीक उपलब्ध है। नारायणा मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल के ज्वाइन्ट रिप्लेसमेंट सर्जन एवं स्पोर्टस आर्थोस्कॉपी स्पेशलिस्ट डॉ. हेमेन्द्र कुमार अग्रवाल ने बताया किए एसीएल लिगामेंट की चोट खिलाड़ियों में बहुत आम है। खेल के दौरान किसी गलत ढंग से मुड़ना या इस तरह की हरकत से यह समस्या हो सकती है।

डबल बंडल देती है घुटनों को मजबूती
डॉ. हेमेन्द्र ने बताया कि एसीएल लिगामेंट में प्राकृतिक रूप से दो बंडल होते हैं। चोट आने पर या टूटने पर आमतौर पर सर्जरी की जरूरत होती है। सिंगल बंडल सर्जरी की अपेक्षा लिगामेंट चोट में डबल बंडल सर्जरी घुटने को अत्याधिक मजबूती एवं स्थिरता प्रदान करने में एवं मूवमेंट आसान करने में ज्यादा कारगर है।

दो ग्राफ्ट से करते हैं लिगामेंट तैयार
उन्होंने बताया कि डबल बंडल एसीएल रिकंस्ट्रक्शन तकनीक में शरीर की हेमेस्ट्रिंग मसल्स से दो छोटे ग्राफ्ट लेकर दोबारा लिगामेंट तैयार किया जाता है। आर्थोस्कॉपिक तकनीक से इस सर्जरी में छोटा सा चीरा लगाया जाता है। मामूली चीरे के कारण मरीज की रिकवरी तेजी से होती है और वह अगले ही दिन से चल-फिर सकता है और दो-तीन महीने में खिलाड़ी फिर से मैदान में उतर सकता है।